तार्किक क्रिया के लक्षण - Characteristics of logical action

 तार्किक क्रिया के लक्षण - Characteristics of logical action


1. तार्किक क्रिया कार्य कारण से जुड़ी होती है। कोई भी क्रिया तार्किक तभी बनती हैं जब उसके पीछे कार्य-कारण संबंध हो। अनिवार्य रूप से तार्किक क्रिया संवेगात्मक नहीं होती। यह तो गणितीय रूप में होती है। दो और दो चार। ऐसा नहीं है कि पिता द्वारा किये गये अपने बेटे को दो और दो चार रूपये पाँच हो जाये और पराये व्यक्ति के लिए तीन हो जाये। यह अंक तो बराबर चार ही रहता है। पैरेटो इसे तर्क कहते हैं।


2. वस्तुनिष्ठ और व्यक्तिनिष्ठ मानकों में समायोजन होता है। व्यक्ति कुछ सोचे और समाज कुछ और इससे तार्किक क्रिया नहीं बनती। तार्किक क्रिया के लिए वस्तुनिष्ठ और व्यक्तिनिष्ठ मानकों में समायोजन होना आवश्यक है।