समूह की परिभाषा - definition of group

समूह की परिभाषा - definition of group


कुछ प्रमुख समाज मनोवैज्ञानिकों की परिभाषा निम्न है-


शेरिफ तथा शेरिफ (Sheriff & Sheriff. 1957) के अनुसार, "समूह एक सामाजिक इकाई है जिसमें कई व्यक्ति होते हैं जो एक दूसरे से एक निश्चित उद्देश्य तथा भूमिका के आधार पर संबंधित होते हैं और जिसके ऐसे अपने मूल्य या मानदंड होते हैं जो व्यक्ति के सदस्य के विवादों का नियंत्रण करते हैं या कम से कम समूह के लिए होने वाले परिणामों से संबंधित विवादों को निश्चित करते हैं।" न्यूकॉम्ब (Newcomb, 1960) के अनुसार, "दो या दो से अधिक ऐसे व्यक्तियों को समूह कहा जाता है जो कुछ चीजों के बारे में मानदंडों में हिस्सा बताते हैं

तथा जिनकी सामाजिक भूमिकाएं घनिष्ठ रूप से अंतर सम्बद्ध होती हैं।" लिंडग्रेन (Lindgren, 1969) के अनुसार, "दो या दो से अधिक व्यक्तियों का एक दूसरे के साथ कार्यात्मक संबंध में व्यस्त होने पर एक समूह का निर्माण होता है।"


उक्त परिभाषाओं के आधार पर स्पष्ट है कि समूह एक व्यापक शब्द है इसका प्रयोग मुख्यतः तीन अर्थों में किया जाता है जो इस प्रकार है-


1. किसी उद्देश्य से जब कई व्यक्ति एक दूसरे के नजदीक हो जाते हैं तो इसे हम समूह की संज्ञा देते हैं जैसे सड़क पर चलते व्यक्तियों का समूह या रेल में बैठे यात्रियों का समूह। 


2. समूह का प्रयोग वर्गीकरण करने के उद्देश्य से भी किया जाता है। जैसे हम कहते हैं कि मिल मालिकों का समूह, छात्रों का समूह तथा रिक्शा चालकों का समूह।


3. समूह का प्रयोग प्राणियों के एक ऐसे संगठन के लिए भी किया जाता है जिनका एक निश्चित आकार होता है जिसके सदस्यों में अपने लोगों की भावना तथा निष्ठा की भावना के साथ सामाजिक अंतर क्रिया होती है।


समाज मनोविज्ञान में समूह का प्रयोग सिर्फ तीसरे अर्थ में किया जाता है क्योंकि ऐसे ही समूह में सदस्यों के बीच सामाजिक अंतर क्रिया एक सामान्य उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है पहले अर्थ में जो समूह बनता है उसमें भी सामाजिक अंतर क्रिया होती है परंतु वह क्षणिक होती है साथ ही साथ उसमें एक उद्देश्य होता है परंतु सामान्य उद्देश्य नहीं।