वर्णनात्मक अनुसंधान अभिकल्प - descriptive research design

 वर्णनात्मक अनुसंधान अभिकल्प - descriptive research design


वर्णनात्मक अनुसंधान अभिकल्प का मुख्य उद्देश्य विवरण प्रस्तुत करना होता है। इस प्रकार के अभिकल्प मे समस्या के सम्बन्ध मे पूर्ण यथार्थ तथा विस्तृत तथ्यों की सूचनाएँ एकत्रित की जाती है। वर्णनात्मक अनुसंधान मे समस्त की जनसंख्या के विभिन्न गुणों के विवरण एवं उनके व्यवहारों का विवरण प्रस्तुत करने हेतु व्यक्तियों के प्रतिनिधित्वपूर्ण निदर्शन का चयन किया जाता है तथा प्रश्नों की एक निश्चित पूर्व रचित श्रृंखला द्वारा इस चयनित निदर्शन से उत्तर के रूप मे आंकड़े प्राप्त किए जाते हैं।


वर्णनात्मक अनुसंधान का उद्देश्य अनुसंधान से संबंधित समस्या का ज्ञान प्राप्त करना होता है। विवरणात्मक या वर्णनात्मक अनुसंधान अभिकल्प वह अभिकल्प है जिससे समस्या के सम्बन्ध मे पूर्ण यथार्थ तथा विस्तृत तथ्यों की सूचनाएं इकट्ठा की जाती है।

इससे सर्वे का प्रयोग करके वास्तविक तथ्यो का संकलन किया जाता है तथा इन तथ्यों के आधार पर समस्या का वर्णनात्मक विवरण प्रस्तुत किया जाता है। इस प्रकार की प्ररचना में वर्तमान की स्थिती जैसी प्रदर्शित हो रही है वैसी ही प्रस्तुत की जाती है अर्थात् किसी व्यक्ति तथ्य या मुद्दे की विशेषताओं का वर्णन किया जाता है तथा परिणाम की वैधता नहीं प्रदर्शित की जाती है क्योकि यह परिणाम के कारणों के बारे में नहीं बताता है।


इस प्रकार के अनुसंधान अभिकल्प की प्रतिबद्धता पूर्ण सूचनाओं को संकलित करने में रहती है। यही कारण है कि इस अभिकल्प के निर्माण में शोधकर्ता को काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता रहती है।

उचित और सही तरीके से निर्मित किए गए वर्णनात्मक अनुसंधान अभिकल्प में पक्षपात की संभावनाएं कम से कम रहती हैं तथा तथ्यों के विश्वसनीयता के अवसर अधिक से अधिक रहते हैं। इस अनुसंधान अभिकप की मदद से समुदाय का वर्णन, इसके सदस्यों का आयु वितरण, राष्ट्रीय तथा धार्मिक पृष्ठभूमि, मानसिक व भौतिक स्वास्थ्य, शिक्षा का स्तर, सामुदायिक सुविधाएं, मकानों का स्वरूप अथवा प्रकार, पुस्तकालयों की उपलब्धता, व्यवहार के प्रमऊख प्रतिमान, मानवीय मूल्यों मान्यताओं, सामाजिक संगठन की संरचना आदि प्रकार के विविध पक्षों के बारे में विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जा सकता है।


वर्णनात्मक अनुसंधान अभिकल्प के मुख्य तीन उद्देश्य होते हैं-


1. इसमें किसी समूह, घटना अथवा परिस्थिति के लक्ष्यों का पूर्ण और विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया जाता है।


2. वर्णनात्मक अनुसंधान अभिकल्प में किसी चर की बारंबारता को निर्धारित किया जाता है।


3. इसमें चरों के मध्य के सह-संबंध का पता लगाया जाता है।


वर्णनात्मक अनुसंधान अभिकल्प में शोधकर्ता द्वारा जो भी जानकारी संकलित की जाती है, उसमें यह ध्यान रखा जाता है कि वर्णन हेतु कम से कम पक्षपात की संभावना रहे तथा अधिक से अधिक विश्वसनीयता की संभावना हो।