इकाइयों का निर्धारण एवं स्पष्टीकरण - Determination and Explanation of Units
इकाइयों का निर्धारण एवं स्पष्टीकरण - Determination and Explanation of Units
शोध विषय से संबंधित साहित्य का अध्ययन कर लेने के पश्चात तीसरे स्तर पर शोधकर्ता के लिए आवश्यक होता है कि वह शोध से संबंधित विभिन्न इकाइयों का निर्धारण करके उनका प्रयोग करने से पहले ही उन्हें स्पष्ट और सुपरिभाषित कर ले। वास्तविकता यह है कि इकाइयों का स्पष्टीकरण केवल तथ्यों के संकलन में ही सहायक नहीं होता बल्कि इससे उनका विवेचन और प्रस्तुतीकरण करना भी सरल हो जाता है। यदि इकाइयों का अर्थ स्पष्ट नहीं होता तो प्रत्येक अध्ययनकर्ता और दूसरे लोग उसका अलग-अलग अर्थ लगा सकते हैं जिससे अध्ययन की वस्तुनिष्ठता समाप्त हो जाती है।
उदाहरण के लिए, अध्ययन से संबंधित अनेक शब्द जैसे- शिक्षित, निर्धन, धार्मिक, श्रमिक, कृषक, भ्रष्ट आदि। बाहरी तौर पर बहुत सरल शब्द मालूम होते हैं लेकिन विभिन्न व्यक्ति इनका भिन्न-भिन्न अर्थ लगा सकते हैं। इसी कारण यंग ने लिखा है, "शोध से संबंधित अध्ययन की इकाइयां प्रतिनिधित्वपूर्ण होनी चाहिए, प्रयोग में लाए जाने वाले शब्द स्पष्ट और सुपरिभाषित होनी चाहिए तथा उनका चयन इस प्रकार होना चाहिए जिससे वे संपूर्ण समग्र से अपनी समरूपता को स्पष्ट कर सकें।" इकाइयों का निर्धारण करते समय यह ध्यान रखना भी आवश्यक है कि यह अध्ययन के उद्देश्य से संबंधित हो तथा उनका क्षेत्र पूर्णतया स्पष्ट हो ।
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