अध्ययन क्षेत्र का निर्धारण - Determination of study area
अध्ययन क्षेत्र का निर्धारण - Determination of study area
शोध के अंतर्गत शोधकर्ता के लिए यह आवश्यक होता है कि वह अपने अध्ययन से संबंधित क्षेत्र का स्पष्ट रूप से निर्धारण कर ले। अध्ययन क्षेत्र को ही हम समग्र कहते हैं। अध्ययन क्षेत्र ऐसा होना चाहिए जिससे संबंधित तथ्यों का संकलन वस्तुनिष्ठ रूप से किया जा सके। अध्ययन क्षेत्र का आकार ना तो बहुत बड़ा होना चाहिए और ना ही बहुत छोटा। बहुत छोटे आकार के अध्ययन से उपयोगी निष्कर्ष प्राप्त कर सकना बहुत कठिन होता है, जबकि आवश्यकता से अधिक बड़े अध्ययन क्षेत्र पर आधारित शोध में एक निश्चित समय के अंदर कार्य को पूरा कर सकना कठिन हो जाता है।
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