दूर शिक्षा का विकास - development of distance education

 दूर शिक्षा का विकास - development of distance education


यद्यपि दूरस्थ शिक्षा बीसवीं शताब्दी की देन है परंतु इसके विचार के उद्भव स्रोत को इससे पूर्व की शताब्दियों में भी देखा जा सकता है। पत्र व्यवहार द्वारा दूरस्थ शिक्षा की शिक्षण अधिगम विधि का आदि स्वरूप स्वीकार किया जा सकता है। पत्राचार के द्वारा शिक्षण का प्रारम्भ होने के समय को लेकर विभिन्न विद्वानों में मतभेद है लेकिन इसको सभी ने स्वीकारा कि 1856 में बर्लिन में पत्राचार द्वारा भाषा सीखने के लिए एक स्कूल खोला गया। इसके बाद विश्व के अनेकों देशों जैसे- अमेरिका, जर्मनी, इंग्लैंड, स्वीडन आदि में पत्राचार के द्वारा शिक्षा का विकास प्रारम्भ हो गया। अनेकों शिक्षण संस्थाओं ने मुद्रित पत्राचार सामाग्री का प्रयोग करना शुरू कर दिया। इसके बादजूद भी दूरस्थ शिक्षा के विकास की गति धीमी ही रही।


1969 में ग्रेट ब्रिटेन में सर्वप्रथम मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना हुई।

जिसमें अनेकों शैक्षिक कार्यक्रम सन 1971 में प्रारम्भ किए गये। इस मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना को दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर माना जाता है। यह केवल इसलिए ही नहीं कि इसका संगठनात्मक रूप तथा शैक्षिक निदर्श बहुत अच्छा व अनुकरणीय है या इसकी शिक्षण विधि अपनाने योग्य है। बल्कि इसलिए क्योंकि इससे पूर्व दूरस्थ शिक्षा प्रणाली को गौण स्थान प्राप्त था तथा दूरस्थ शिक्षा प्राप्त व्यक्तियों को संस्थागत व्यक्तियों की तुलना में हीन समझा जाता था परंतु इंग्लैंड के इस मुक्त विश्वविद्यालय ने दूरस्थ शिक्षा को एक नयी सोच प्रदान की और एक मान्य शिक्षण विधि की स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस विश्वविद्यालय ने सिद्ध कर दिया कि दूरस्थ शिक्षा संभव है। यह कम व्यय पर परम्परागत शिक्षा के समान प्रभावशाली हो सकती है। 1971 से मलेशिया में पत्राचार शिक्षा के रूप में इसे प्रारम्भ किया 1990 के पश्चात दूरस्थ शिक्षा अत्यंत लोकप्रिय हुई। श्रीलंका में राष्ट्रीय स्तर पर एकल माध्यम के र शिक्षा की स्थापना 1978 में हुई।


चीन सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश है। यहाँ भी पत्राचार शिक्षा 1960 में प्रारम्भ की गयी वास्तव में पत्राचार शिक्षा की चीन में एक लम्बी परम्परा रही है।

1979 में बीजिंग में सेंट्रल रेडियो एण्ड टेलीविजन यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। यह विश्वविद्यालय सम्पूर्ण चीन के कर्मचारियों को शैक्षिक अवसर प्रदान करता है।


जिम्बाम्बे में स्वतंत्रता के बाद स्कूल छोड़ने वालों की संख्या में वृद्धि हुई इनको सरकारी विद्यालयों में समाहित करना मुश्किल था। 1930 में जिम्बाम्बे में सभी के लिए शिक्षा पर एक विश्व स्तरीय गोष्ठी आयोजित की और इसी समय यूनस्को द्वारा तंजानिया में दूरस्थ शिक्षा पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसके बाद दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से शिक्षा सभी को प्रदान की जाने लगी और शैक्षिक स्तर में सुधार शुरू हुआ। अमेरिका में दूरस्थ शिक्षा को होम स्टडी या एक्सटरनल स्टडी [External Study] के नाम से जाना जाता था। प्रारम्भ में दूरस्थ शिक्षा शिकागो विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया, फ्लोरिडा विश्वविद्यालय में प्रारम्भ की गयी और धीरे-धीरे लगभग सभी विश्वविद्यालयों में प्रारम्भ की जाने लगी।


रूस में दूरस्थ शिक्षा ने निम्न वर्ग के लोगों को एक नया आयाम दिया। यहाँ पत्राचार शिक्षा अत्यधिक लोकप्रिय है। एशिया में श्रीलंका के अतिरिक्त बांग्लादेश, थाईलैंड, भारत आदि में मुक्त विश्वविद्यालय स्थापित किए गए।

अन्तररराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित दूरस्थ शिक्षा संस्थानों में रेडियों, टेलीविजन का उपयोग बहुत अधिक मात्र में किया जाता है। दूरस्थ शिक्षा संस्थानों को यूनिवर्सिटी आफ एअर भी कहा जाता है। दूरस्थ शिक्षा की स्थापना मुख्य रूप से सेवारत व्यक्तियों के लिए की गयी। कुछ विभिन्न देशों के शिक्षण संस्थान निम्न हैं


फर्न यूनिवर्सिटी- जर्मनी


नेशनल ओपेन यूनिवर्सिटी - ताइवान


ओपेन यूनिवर्सिटी हटलिन - नीदरलैंड


श्रीलंका ओपेन यूनिवर्सिटी - श्रीलंका 


यूनिवर्सिटी आफ एयर - जापान


यूनिवर्सिटी आफ साउथ अफ्रीका- प्रिटोरिया इत्यादि।