प्रकार्य तथा दुष्प्रकार्य में अंतर - difference between function and dysfunction

प्रकार्य तथा दुष्प्रकार्य में अंतर - difference between function and dysfunction


प्रकार्य एवं दुष्प्रकार्य की अवधारणा के विश्लेषण के आधार पर उनके अंतर को निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्ट किया जा सकता है -


• प्रकार्य वे दृष्टिगोचर परिणाम हैं जो किसी व्यवस्था में अभियोजन की प्रक्रिया को कम करते हैं। 


• प्रकार्य सामाजिक संरचना की विभिन्न इकाइयों की स्वीकृति भूमिका है इसके विपरीत दुष्प्रकार्य सामाजिक इकाई की अवांछित और अस्वीकृति भूमिका है।


• प्रकार्य द्वारा सामान्य सामाजिक आवश्यकताओं एवं लक्ष्यों की पूर्ति होती है जबकि दुष्प्रकार्य द्वारा सामान्य सामाजिक हितों का हनन होता है।


• प्रकार्य उन कार्यों का प्रतिनिधित्व करता है जो समाज द्वारा मान्य होते हैं जबकि दुष्प्रकार्य उन कार्यों का प्रतिनिधित्व करता है जो समाज द्वारा मान्य नहीं होते।


• प्रकार्य की प्रकृति सकारात्मक होती है जबकि दुष्प्रकार्य की प्रकृति नकारात्मक होती है।


• प्रकार्य का संबंध सामाजिक एकीकरण, संगठन, संतुलन एवं व्यवस्था से है जबकि दुष्प्रकार्य का संबंध सामाजिक विघटन, असंतुलन तथा अव्यवस्था से है।


• दुर्खीम ने सामाजिक श्रम विभाजन के दौरान प्रकार्य तथा दुष्प्रकार्य का भेद स्पष्ट किया है। उनकी दृष्टि में प्रकार्यत्मक प्रक्रियाए समाज में एकता को बढ़ाती है जबकि दुष्प्रकार्यात्मक प्रक्रियाए समाज की एकात को घटाती हैं।