वर्ण और जाति में अंतर - difference between varna and caste

वर्ण और जाति में अंतर - difference between varna and caste


→ जाति व्यवस्था का आधार जन्म है जबकि वर्ण व्यवस्था के सैद्धांतिक पक्ष में कर्म को अधिक


महत्व प्रदान किया गया है भले ही इसका व्यवहारिक पहलू जन्म पर ही आधारित है


→ जाति व्यवस्था में परंपरात्मकता को अधिक महत्व प्रदान किया गया है जबकि वर्ण में तुलनात्मक रूप से परंपरात्मकता का अभाव था क्योंकि यह कर्म प्रधान था। 


→ जाति व्यवस्था संकीर्ण मनोवृत्ति का परिचय देती है जबकि वर्ण व्यवस्था प्रगतिशील विचारों की ओर इंगित करती है।


→ जाति व्यवस्था वर्ण व्यवस्था का कठोरतम रूप है तथा यह वर्ण व्यवस्था से उत्पन्न माना जाता है। जबकि वर्ण व्यवस्था प्राचीनतम संरचना तथा जाति व्यवस्था की अपेक्षा अधिक लचीला था।


→ जातीय में अनेकों जातियां होती हैं जबकि वर्ण व्यवस्था में मात्र चार भाग हैं।


→ जाति प्रथा में सामाजिक व धार्मिक नियम जैसे सहवान, भोजन वैवाहिक संबंध अत्यंत कठोर है जबकि वर्ण व्यवस्थामें इन संबंधों की कठोरता तुलनात्मक रूप से कम है।