सामाजिक दृष्टिकोण में अंतर - Difference in Social Outlook
सामाजिक दृष्टिकोण में अंतर - Difference in Social Outlook
गांव की तुलना में नगरों में सामाजिक विघटन अधिक पाया जाता है। गांव वाले भाग्यवादी अधिक होते है। वे प्रकृति तथा ईश्वर में विश्वास करते है। नगरवासी श्रम को ही अधिक महत्व देते हैं। नगरवासी धर्म के बजाय बुद्धि एवं तर्क को अधिक महत्व देते है। गांव कृत्रिमता और आडम्बर रहित होते हैं जबकि शहरी जीवन में बनावट और आडम्बर की भरमार है। बोगार्डस लिखते "गांव के लोग स्पष्ट बोलने वाले, निष्कपट और सत्यनिष्ट होते है। वे नागरिक जीवन के बहुत से पक्षों की कृत्रिमता से घृणा करते है। नगरों में गांवों की अपेक्षा राजनीति में अधिक रुचि पाई जाती है। गांव परिवर्तन विरोधी होते हैं तो नगर प्रगतिशील।” न्यूमेयर कहते हैं कि ग्रामीण संस्कृति रुढिवादिता की ओर झुकी रहती है।" रॉस का मत है नगर जगत मित्र होता है जबकि गांव राष्ट्रव्यापी और स्वदेशाभिमानी होता है।"
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