गतिशील समूह तथा स्थिर समूह - dynamic group and static group
गतिशील समूह तथा स्थिर समूह - dynamic group and static group
गतिशीलता के आधार पर समाजशास्त्रियों ने समूह को दो भागों में विभाजित किया है, गतिशील समूह तथा स्थिर समूह। गतिशील समूह जैसा के नाम से ही स्पष्ट है वैसे समूह को कहा जाता है जो प्रायः एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमता है और साथ ही साथ अपना जीविकोपार्जन भी करता रहता है. भारत में कुछ समूह जैसे नट एवं बंजारा का समूह एक ऐसा ही समूह है जो कभी भी किसी एक स्थान पर स्थिर नहीं रहता है इस समूह का मानदंड मूल्य तथा विश्वास कुछ अजूबा ही होता है जो अन्य समूह के लोगों में नहीं पाया जाता है।
स्थिर समूह में इस तरह की गतिशीलता नहीं होती है यह किसी एक क्षेत्र में अव्यवस्थित होता है और उसके सभी सदस्य स्थाई रूप में उसी क्षेत्र में रहकर ही अपना जीविकोपार्जन करते हैं औद्योगिक संगठन तथा विश्वविद्यालय के सदस्यों का समूह इसका उदाहरण है कुछ समाजशास्त्रियों का कहना है कि गतिशील समूह के सदस्य स्थिर समूह के सदस्य की अपेक्षा अधिक संगठित तथा ऊंचा मनोबल रखने वाले होते हैं।
वार्तालाप में शामिल हों