टालकट पारसन्स का प्रारंभिक जीवन - The Early Life of Talkat Parsons
टालकट पारसन्स का प्रारंभिक जीवन - The Early Life of Talkat Parsons
पारसन्स का जन्म 1902 में संयुक्त राज्य अमेरिका के कोलारेडो में हुआ। आरंभ में वे एक डॉक्टर बनना चाहते थे। अंततः 1924 में वे अमहर्स्ट कॉलेज से अर्थशास्त्र से स्नातक हुए। इसके बाद वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स में आगे की पढ़ाई करने के लिए चले गए। इंग्लैंड में उस समय व अर्थशास्त्र के शिक्षकों के अतिरिक्त समाजशास्त्र के मोरिस जिन्सबर्ग से मिले। उनकी मुलाकात ब्रोनिस्ला मैलीनास्की (1884-1942) से हुई। मैलीनास्की 1914 से 1918 तक दक्षिण-पश्चिम प्रशांत महासागर के द्वीपों में आदिवासियों के बीच रहकर उनके जीवन के अनेक पक्षों का अध्ययन कर चुके थे। संभवतः इन प्रभावों से पारसन्स की रुचि सामाजिक जीवन एवं सामाजिक संबंधों में भी हुई।
1925 के आस-पास पारसन्स इंग्लैंड से जर्मनी के हीडलबर्ग विश्वविद्यालय में चले गए। इस विश्वविद्यालय में पारसन्स ने मैक्स वेबर के विचारों को जाना। संभवतः फ्रांस में प्रवास के समय पारसन्स ने विल्फ्रेडो पैरेटो के संबंध में पढ़ा, पैरेटो से संतुलन की धारणा अपना ली। पारसन्स ने पैरेटो के संबंध में विशद अध्ययन 1931 के बाद ही किया।
जब एल. जे. हैंडरसन ने संयुक्त राज्य अमेरिका में विल्फ्रेडो पैरेटो के संबंध में एक सेमिनार का आयोजन करवाया। 1927 में पारसन्स हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के इंस्ट्रक्टर नियुक्त हुए। पारसन्स ने जार्ज रीजर के अनुसार अनेक बार विभाग बदले। 1930 में जब पी.ए. सोरोकिन की अध्यक्षता में हार्वर्ड विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग बना तब पारसन्स समाजशास्त्र विभाग में चले आए। 1970 में अपनी अप्रत्याशित मृत्यु तक वे किसी ने किसी रूप में हार्वर्ड विश्वविद्यालय में ही बने रहे। 1944 में पारसन्स हार्वर्ड में समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष हो गए। 1946 में उन्होंने इस विभाग का नामकरण सामाजिक संबंध विभाग कर दिया। 1949 में पारसन्स अमेरिकी समाजशास्त्र परिषद के अक्ष्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके अलग दस वर्षों तक संभवतः पारसन्स अमेरिकी समाजशास्त्र में परिषद् के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके अगले वर्षों तक संभवतः पारसन्स अमेरिकी समाजशास्त्र में सबसे प्रभावशाली समाजशास्त्री के रूप में छाए रहे।
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