हुकुमशाही शासनप्रनाली में शिक्षा - education in dictatorship

 हुकुमशाही शासनप्रनाली में शिक्षा - education in dictatorship


इटली की फॅसिज़म एवं जर्मनी की नाझिजम यह हुकुमशाही शासनप्रनाली के सर्वोत्तम उदहारण है। युद्धोत्तर स्थतियों का लाभ लेते हुए जर्मनी एवं इटली में क्रमशः हिटलर एवं मुसोलिनी ने हुकुमशाही शासनप्रनाली की स्थापना की। फॅसिस्टवादियों की सहायता से मुसोलिनी ने अपना हुकुमशाही साम्राज्य स्थापित किया। 1934 में हिडेनबुर्ग के मृत्यु के उपरांत सर्वाधिकारी बना। जर्मन पार्लमेंट नष्ट कर हिटलर हुकुमशहा बना। आज वर्तमान में विविध देशों में भी हुकुमशाही शासनप्रनाली का अस्तित्व दिखायी देता है।


लोकतांत्रिक शासनप्रनाली नाममात्र रहीं। समाचार पत्र, मुद्रण यंत्रणा, कामगार संघटना आदि पर नियंत्रण प्रस्थापित किया।

मुद्रण स्वातंत्र्य, सभा स्वातंत्र्य, भाषण स्वातंत्र्य आदि पर रोक लगा दी। विरोधियों को दंडित किया। शस्त्र निर्मिति एवं लष्करी शिक्षा पर बल दिया गया। राज्य विरोधी तत्वों को नष्ट किया गया। सत्ता के अनुकूल शिक्षा को प्रेषित किया गया। शिक्षा केवल वरिष्ट एवं बलिष्ठ समाज के लिए होती है। राज्य के हित में ही सामान्य जनता का हित होता है। प्रज्ञावान बालक सत्ताधारी एवं उच्च वर्गियो में जन्मते है। शिक्षा से सत्ताधारी एवं उच्च वर्गियों में उच्च गुणों का विकास होता है। इस हेतु सत्ताधारी एवं उच्च वर्गियों के लिए शिक्षा की व्यवस्था की जाती थी। राजनितिक एवं सत्ताधारियों द्वारा शिक्षा नीति निर्धारित जाती है। संस्कृति का उदात्तीकरण, राष्ट्रवाद, वैश्विक प्रभुत्व, शिस्त पालन, कर्तव्य पालन, त्याग, राष्ट्रनिष्ठा आदि तत्वों पर शिक्षा अधिष्टित होती है। अपनी हुकुमशाही शासनप्रनाली के नीति पर शिक्षा दी जाती है। शारीरिक शिक्षा. लष्करी शिक्षा, शिस्त, आज्ञा पालन, स्वार्थ त्याग, राष्ट्रवाद आदि शिक्षा में सम्मिलित होते है।