ब्रिटिश काल में शिक्षा व्यवस्था - education system in british period

ब्रिटिश काल में शिक्षा व्यवस्था - education system in british period


ब्रिटिश कालीन शिक्षा व्यवस्था को हम दो भागों में विभाजित कर सकते है। पहला काल ईस्ट इंडिया कम्पनी के आने (1601) से 1900 तक और दूसरा काल बीसवीं शती के प्रारंभ में शिक्षा व्यवस्था, प्रथम काल को हम ब्रिटिश काल के पूवार्द्ध में शिक्षा व्यवस्था तथा द्वितीय काल को हम ब्रिटिश काल के उत्तरार्द्ध में शिक्षा व्यवस्था, कह सकते है जिसका विवरण निम्नानुसार है। 3.1.5.1 ब्रिटिश काल के पूर्वार्द्ध में शिक्षा व्यवस्था (1601 से 1900 तक) ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी 1601 में व्यापार करने भारत आई थी। सन 1757 में प्लासी के युद्ध के पश्चात् बंगाल का शासन अंग्रेजो के हाथ आ गया इसके पश्चात ईस्ट इंडिया कम्पनी का अधिकार धीरे धीरे सम्पूर्ण भारत पर हो गया। सन 1857 में ब्रिटिश शासन ने भारत का शासन प्रबन्ध अपने अधिकार में ले लिया।


ईस्ट इंडिया कम्पनी व्यापार करने आई थी न की शासन करने। अतः उसका कार्य समाज को शिक्षित करना नहीं था। व्यापार करने में उन्हें भाषा की परेशानी होती थी इसलिए भारतीयों को अंग्रेजी सिखाने के लिए उन्होंने ईसाई मिशनरियों की सहायता ली। इसाई मिशनरियों ने धर्म प्रचार करने के लिए भी शिक्षा का सहारा लिया। इसके लिए उन्होंने अनेक स्कूलों की स्थापना की इस प्रकार आधुनिक शिक्षा का प्रारंभ भारत में हुआ जो पर्याप्त नहीं थे तथा ईस्ट इंडिया कम्पनी ने भारत में जन सामान्य की में शिक्षा के प्रति लगभग उदासीन रही।