शैक्षिक समाजशास्त्र और पाठ्यक्रम - Educational Sociology and Curriculum

 शैक्षिक समाजशास्त्र और पाठ्यक्रम - Educational Sociology and Curriculum


शैक्षिक समाजशास्त्र के अनुसार शिक्षा का पाठ्यक्रम समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। समाज एवं उनकी आवयकतायें परिवर्तनशील होती है। इस कारण शिक्षा का पाठ्यक्रम भी बदलते रहना चाहिए। पाठ्यक्रम तना लचीला होना चाहिए कि समाज की बदलती हुई परिस्थिति के अनुसार उसका उपयोग किया जा सके। पाठ्यक्रम निर्धारित करते समय निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए 


• पाठ्यक्रम तत्कालीन समाज की आवश्यकताओं एवं आकाक्षाओं के अनुरूप हो।


• पाठ्यक्रम छात्रों के अन्दर सामाजिकता का भावना पैदा करने वाला होना चाहिए।


• पाठ्यक्रम समाज की आवश्यकताओं समस्याओं का निराकरण वाला होना चाहिए।


• पाठ्यक्रम समाज का विकास करने वाला होना चाहिए।


• पाठ्यक्रम समाज के मूल्यों, आदर्शों व संस्कृति से परिचित कराने वाला होना चाहिए।