सामाजीकरण के तत्व - elements of socialization
सामाजीकरण के तत्व - elements of socialization
समाजशास्त्रियों ने समाजीकरण की प्रक्रिया का बड़ी बारीकी से अध्ययन किया है। उनके अनुसार समाजीकरण की प्रक्रिया के चार तत्व होते हैं
I. मनुष्य की जैविकीय विशेषता - मनुष्य की अपनी जैवकीय विशेषता है, वह कुछ मूल प्रवृत्तियों, संवेगों, सामान्य जन्मजात प्रवृतियों, इंद्रियों और मस्तिष्क को लेकर जन्म लेता है। इन्हीं के आधार पर समाजीकरण होता है। इनके अभाव में हम उसका समाजीकरण नहीं कर सकते।
II. सामाजिक अन्त:क्रियाएँ - मानुष्य के समाजीकरण के लिए दूसरा आवश्यक तत्व सनजिक अंतःक्रियाएं हैं। जब तक कोई मनुष्य दूसरे मनुष्यों के संपर्क में नहीं आता है और उनके बीच अंतःक्रियाएं नहीं होती तब तक वह न तो समाज की भाषा सीख सकता है
और न ही आचरण की विधियाँ इनको सीखकर ही वह जैवकीय प्राणी से सामाजिक प्राणी बनता है।
III.सामाजिक अंतःक्रियाओं के निश्चित परिणाम- समाजीकरण के लिए यह भी आवश्यक है कि व्यक्ति व्यक्ति अथवा व्यक्ति समाज के बीच की अंतःक्रियाओं के निश्चित परिणाम हो, निरर्थक अंतःक्रियाओं से समाज सम्मत आचरण नहीं सीखा जा सकता है।
IV. परिणामों के प्रति स्वीकृति - अस्वीकृति जहां क्रिया होगी वहाँ परिणाम अवश्य होगा। चोरों के बीच रहकर बच्चा चोरी करना सीख सकता है परंतु उसे यह जानकारी होगी कि यह कार्य समाज द्वारा स्वीकृत नहीं है और ऐसा करके वह उस समाज में समायोजन नहीं कर सकता तो वह उस कार्य को स्वीकार नहीं करेगा। समाज द्वारा स्वीकृत आचरण को सीखकर तदनुकूल आचरण करना ही समाजीकरण होता है।
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