अभिजात वर्ग: प्रकार एवं आधार - Elite: Types and Basis
अभिजात वर्ग: प्रकार एवं आधार - Elite: Types and Basis
अभिजनों के प्रकार या वर्गीकरण (Classification or Types of Eliets ) :-
अभिजन के ऊपर अनेक समाजशास्त्रियों एवं राजनीति विज्ञानिओं ने बहुत अध्ययन किया है।
राम अहूजा ने बिहार के अभिजन सम्बन्धी अध्ययन में इन्हें अल्पतन्त्रीय अभिजन (Oligarchic Elite) कहा है। सी. राइट मिल्स ने इन्हें राजनीतिक अभिजन (Power Elite) कहा है तो मार्क्स ने इन्हें शासक वर्ग ( Ruling Class) शब्द का प्रयोग किया है। हन्टर ने इन्हें शीर्षस्थ नेता (Top Leader) माना है तो रीजमैन अभिजन के लिए वीटो समूह (Vito Group) शब्द का प्रयोग करते हैं। प्रमुख राजनीति विज्ञानी टॉम बॉटोमोर अभिजनों के तीन रूपों का उल्लेख करते हैं।
1. बौद्धिक अभिजन
2. प्रबन्धकीय अभिजन
3. नौकरशाह अभिजन
पैरेटो की शिष्या मैरी कोलबिन्सका ने चार प्रकार के अभिजनों का वर्गीकरण किया है।
1. धार्मिक अभिजन
2. कुलीन अभिजन
3. सैनिक अभिजन
4. पादरी अभिजन
पैरेटो के अनुसार प्रत्येक समाज में किसी न किसी आधार पर ऊँच-नीच का संस्तरण पाया जाता है। इन सभी वर्गों के आधार पर किसी भी समाज को मुख्यतः दो वर्गों में विभक्त किया जा सकता है उच्च वर्ग एवं निम्न वर्ग-
1. उच्च वर्ग (Higher Class ) :- उच्च वर्ग के अन्तर्गत पैरेटो उन अभिजनों को रखते हैं जो प्रभावशाली होते हैं और निर्णय को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। इन अभिजनों की संख्या कम होती है। पैरेटो ने इनका विभाजन दो श्रेणियों में किया है।
I. शासकीय अभिजन (Governing Elite):- शासकीय अभिजन मुख्यतः राजनैतिक अभिजन होते हैं। इन अभिजनों की क्रिया का केन्द्र राजनीति होती है। ये लोग प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता या सरकार की गतिविधियों में भाग लेकर अथवा बाहर रहकर उसे प्रभावित करते हैं। ये लोग प्रतिष्ठित पदों पर आसीन होते हैं तथा नीतियाँ भी तय करते हैं। प्रभुता सम्पन्न होने के कारण अल्पसंख्यक होने के पश्चात भी बहुसंख्यकों पर शासन करते हैं।
II. अशासकीय या गैरशासकीय अभिजात वर्ग (Non-Governing Elite):- ये सभी अभिजन जो शासक अभिजन की श्रेणी में नहीं आते हैं. गैरशासकीय अभिजन कहलाते हैं। ये अभिजन राजनीति से अलग क्षेत्रों में अपना प्रभुत्व जमाये हैं। सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, बौद्धिक एवं सैनिक क्षेत्रों में अपना प्रभुत्व स्थापित करने वाले लोग, गैर शासकीय अभिजन की श्रेणी में आते हैं।
(2) निम्न वर्ग (Lower Class) या गैर अभिजन वर्ग (Non Elite Classs): निम्न वर्ग, जन समुदाय के रूप में होता है। वे सभी लोग जो अभिजन के रूप में स्वयं को स्थापित नहीं कर पाते एवं अभिजनों द्वारा नियमित होते रहते हैं। निम्न वर्ग में आ जाते हैं।
अभिजात वर्ग के आधार पर (Basis of Elite Class):- पैरेटो ने अभिजात वर्ग के विभाजन के अतिरिक्त उन आधारों का भी विवेचन किया है जिस पर यह अवधारणा आधारित है। ये आधार दो हैं-
I. योग्यताएं:- पैरेटो, का विचार है कि बुद्धि, योग्यता, गणित के प्रति रूचि, संगती तथा नैतिकता के स्तर आदि के आधारों पर किये गये विभाजन का यदि अवलोकन किया जाये तो वह धन के स्तर पर आधारित विभाजन के ही अनुकूल होता है अर्थात वही व्यक्ति धनवान होते हैं जो अन्य योग्यताओं से भी युक्त होते हैं।
II. धनः- राजनैतिक एवं सामाजिक शक्ति वाले धन की शक्ति से भी उसी अनुपात में युक्त होते हैं। इस विषय में पैरेटो का कथन उचित है कि तथाकथित उच्च वर्ग एक अभिजात जन का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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