परीक्षा एवं मूल्यांकन - Examination and Assessment
परीक्षा एवं मूल्यांकन - Examination and Assessment
प्राथमिक स्तर पर प्रायः लिखित एवं मौखिक गृह परीक्षाओं के द्वारा आन्तरिक मूल्यांकन करके छात्रों के ज्ञान का आकलन किया जाता है। कोठारी आयोग ने सतत् मूल्यांकन प्रणाली अपनाने का सुझाव दिया। पहले 5 वी एवं 8 वीं में बोर्ड की परीक्षाएं होती थी जिन्हें सबके लिए शिक्षा के अधिकार आने के बाद बंद कर दिया थ किन्तु अब शायद वे फिर शुरू होने वाली है।
ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड प्राथमिक विद्यालयों में आधार भूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना तैयार की गई। इस योजना में सभी विद्यालयों के लिए भवन, शिक्षण सामग्री व खेल सामग्री को न्यूनतम आवश्यक सुविधा के रूप में उपलब्ध कराया गया।
सबके के लिए शिक्षा सन् 1990 में सबके लिए शिक्षा विषय पर एक सम्मेलन हुआ उसी के बाद भारत में सर्व शिक्षा अभियान चलाया गया जिसमें पूर्व बाल्यकाल परिचर्चा, प्राथमिक शिक्षा का सर्व व्यापीकरण, असारक्षता में कमी, शैक्षिक अवसरों में समानता नारी समानता के लिए शिक्षा तथा शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार जैसे विषय सम्मलित किये गये।
ग्राम शिक्षा समिति - गांवों में प्राथमिक स्तरीय शिक्षा की समुचित व्यवस्था करने के लिए ग्राम शिक्षा समिति का गठन किया गया। यह समिति बेसिक स्कूलों की स्थापना, अनुरक्षण एवं सुधार के लिए योजनाएं बनाती है तथा क्रिन्यावित करती है। इसके दायित्वों को शैक्षिक, आर्थिक व प्रशासनिक भागों में बांटा गया है। यह समिति जन समुदाय व अन्य विभागों के सहयोग में अपना कार्य करती है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में प्राथमिक शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में कहा गया कि संविधान की धारा 45 के अनुरूप 14 वर्ष की आयु के सभी बालकों के लिए निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए श्रमपूर्वक प्रयत्न किया जाना चाहिए। स्कूलों में अपव्यय एवं अवरोधन को कम करने के लिए तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि स्कूल में प्रवेश लेने वाला प्रत्येक छात्र अपना पाठ्यक्रम सफलता पूर्वक पूरा कर रहा है। उपयुक्त कार्यक्रमों का निर्माण करना चाहिए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में प्राथमिक शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में प्राथमिक शिक्षा में दो बातों,14 वर्ष की आयु तक के बालकों के सार्वभौमिक स्थायित्व एवं शिक्षा की गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार पर जोर दिया गया। प्राथमिक विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया गया। स्कूल छोड़कर जाने वाले बालकों की समस्या का समाधान को उच्चतम प्राथमिकता दी गई।
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