प्रक्षेपी विधि की विशेषतायें - Features of Projective Method

 प्रक्षेपी विधि की विशेषतायें - Features of Projective Method


1. अब आपके मन में जिज्ञासा उत्पन्न हो रही होगी कि इन प्रक्षेपी विधियों की प्रमुख विशेषतायें क्या होती हैं? लिण्डजे, 1961 के अनुसार प्रक्षेपी विधियों के स्वरूप का विवेचन निम्न बिन्दुओं के अन्तर्गत किया जा सकता हैं- प्रक्षेपी परीक्षण में ऐसे एकांश होते हैं, जिनके प्रति बहुत सारी अनुक्रियायें उत्पन्न हो पाती है।


2. प्रक्षेपी विधि द्वारा व्यक्तित्व के अनेक पहलुओं का मापन किया जाना संभव होता है। 


3. प्रक्षेपी विधि व्यक्ति के अचेतन मन में छिपी हुयी इच्छाओं, प्रेरणाओं को उत्तेजित करती है।


4. प्रक्षेपी विधि में एकांशों के प्रति प्रयोज्यों द्वारा जो प्रतिक्रियायें व्यक्त की जाती है उनका अर्थ प्रयोज्य को मालूम नहीं होता है।


5. प्रक्षेपी विधि में व्यक्ति के सामने असंगठित एवं अस्पस्ट परिस्थितियों एवं उद्दीपकों को उपस्थित

किया जाता है।


6. इन विधियों के माध्यम से व्यक्तित्व की एक संगठित तथा सम्पूर्ण तस्वीर सामने आती है।


7. इन विधियों द्वारा अधिक मात्रा में जटिल मूल्यांकन तथ्य एवं आँकड़े एकत्रित किये जाते हैं।


8. इन विधियों द्वारा व्यक्ति में स्वप्न चित्र उत्पन्न होते हैं।


9. इन विधियों में किसी भी अनुक्रिया को सही अथवा गलत नहीं माना जाता हैं।