स्त्रीवादी इतिहास : पाँचवा चरण - Feminist History: The Fifth Stage

 स्त्रीवादी इतिहास : पाँचवा चरण - Feminist History: The Fifth Stage


1960 के दशक के बाद स्त्रीवाद की दूसरी लहर के उभार एवं विकास के साथ इतिहासकारों ने इतिहास में स्त्रियों की भूमिका पर पुनर्विचार करना और स्त्रियों की दृष्टि से इतिहास का पुनर्लेखन शुरू किया। स्त्री अध्ययन आगे चलकर एक स्वतंत्र फिर भी अंतरानुशासनिक ज्ञानानुशासन तरह उभरा। आगे चलकर इसने ‘स्त्री इतिहास', ‘जेंडर इतिहास', 'जेंडर अध्ययन जैसी पारिभाषिक शब्दावली भी विकसित की। जेंडर अध्ययन के अध्ययन क्षेत्र में विभिन्न स्तर के शोध एवं कई विषय स्वीकार किए जाते हैं। वास्तव में सामाजिक विज्ञान संबंधी कोई भी सामान्य अकादमिक पाठ्यक्रम जो जेंडर विषय को समायोजित नहीं करता वह पुराना या असंतुलित माना जाता है। स्त्रीवादी इतिहास ने परंपरागत इतिहास लेखन की कसौटी, प्रविधि और प्रचलित औजारों को चुनौती दी और पुनर्रचित इतिहास के लिए नए नरीकों तकनीक और अवधारणाओं को जन्म दिया।