मानवाधिकार का क्षेत्र मानवाधिकारों के वर्ग - Field of Human Rights Classes of Human Rights

मानवाधिकार का क्षेत्र मानवाधिकारों के वर्ग - Field of Human Rights Classes of Human Rights


मानवाधिकारों के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक, संवैधानिक और विधिक अधिकार आते हैं इसलिए विद्वानों ने इन्हें अपने-अपने तरीके से विभिन्न वर्गों में बांटने का प्रयास किया है। मानवाधिकारों को वर्गीकृत करने के दो प्रमुख आधार हैं- जीवन के विविध क्षेत्र और इन अधिकारों को बनाए रखने वाले कानून इस आधार पर मानवाधिकारों के प्रमुख वर्ग निम्लिखित हैं:


प्राकृतिक अधिकार - प्राकृतिक अधिकार वे अधिकार हैं जो मानव स्वभाव में ही निहित हैं। स्व प्रज्ञा का अधिकार, मानसिक स्तर का अधिकार, जीवन का आधार आदि इसी श्रेणी में आते हैं। ये बेहद महत्वपूर्ण अधिकार होते हैं।


नैतिक अधिकार - नैतिक अधिकार निष्पक्षता और न्याय के सामान्य सिद्धांतों पर आधारित हैं। समाज में मानव इन अधिकारों को प्राप्त करने का आदर्श रखता है। सामाजिक व्यवस्था में ये अधिकार बहुत आवश्यक होते हैं। 


मौलिक अधिकार - मौलिक अधिकार वे अधिकार हैं जिनके बिना मनुष्य का विकास नहीं हो सकता है। जैसे जीवन का अधिकार मानव जीवन का मूलभूत अधिकार है। इन अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक समाज का मूल कर्तव्य है। हमारे संविधान में प्रत्येक नागरिक को 6 मौलिक अधिकार दिए गए हैं।


कानूनी अधिकार - कानूनी अधिकार का तात्पर्य यह है कि प्रत्येक व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के कानून के समक्ष समान समझा जायेगा तथा साथ ही कानूनों का समान संरक्षण भी दिया जाना चाहिए। ये समय - समय पर प्रवर्तित किए गए हैं।


नागरिक एवं राजनीतिक अधिकार - नागरिक और राजनीतिक अधिकार वे अधिकार हैं जिन्हें राज्य द्वारा स्वीकार किया जाता है।


आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार - प्रत्येक राज्य में अपनी परम्परा एवं सभ्यता के अनुसार इन अधिकारों को लागू किया जाता है। जैसे समाजवादी राज्यों में काम का अधिकार, समानता का अधिकार महत्वपूर्ण हैं तो दूसरी तरफ पूँजीवादी राज्यों में स्वतंत्रता का अधिकार, सम्पत्ति का अधिकार अधिक महत्वपूर्ण हैं। 

भारतीय संविधान के अध्याय चार के नीति निदेशक तत्व मनुष्य के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों की मांग राज्य से करते हैं। यह निर्धारण करना कठिन है कि कौन सा अधिकार अधिक महत्वपूर्ण है और कौन सा कम मानवा अधिकारों के संबंध में वैश्विक घोषणा पर मानव अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया गया है।