क्षेत्र अध्ययन विधि - field study method
क्षेत्र अध्ययन विधि - field study method
प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक करलिंगर ने क्षेत्र अध्ययन को परिभाषित करते हुए कहा है कि क्षेत्र अध्ययन एक ऐसा अप्रयोगात्मक अनुसंधान है जिसका उद्देश्य वास्तविक सामाजिक संरचना में समाजशास्त्रीय, मनोवैज्ञानिक एवं शैक्षिक चरों में अन्तः क्रियाओं एवं उसके संबंधों की खोज करना है? ('Field studies are non-experimental scientific inquires aimed at discovering the relations and interactions among sociological, psychological and educational variables in real social structure. Kerlinger. 1986)| सामान्य रूप में क्षेत्र अध्ययन विधि का मूल अर्थ उसके नाम 'क्षेत्र में ही विद्यमान है। इस विधि में क्षेत्र से तात्पर्य अध्ययन की वास्तविक परिस्थिति से होता है। उदाहरण के लिए यदि कोई अध्ययनकर्ता स्कूल के विद्यार्थियों के उनके शिक्षक के साथ की जा रही बातचीत के पैटर्न का अध्ययन स्कूल की वास्तविक परिस्थिति में जाकर करता है तो वह क्षेत्र अध्ययन विधि का एक उपयुक्त उदाहरण होगा। इसी प्रकार इस विधि में मानव व्यवहारों का कॉलेज, फैक्टरी, ऑफिस आदि में स्वाभाविक परिस्थिति में किया जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि मनोविज्ञान की इस विधि में व्यवहार के जिन पहलुओं के बारे में मनोवैज्ञानिक अध्ययन करते हैं, उनमें अपनी ओर से किसी तरह का जोड़-तोड़ नहीं किया जाता है बल्कि उसका हू-ब-हू ठीक उसी रूप में अध्ययन किया जाता है जिस रूप में वह घटित होता है।
वार्तालाप में शामिल हों