पूर्ति परीक्षण - fulfillment test

 पूर्ति परीक्षण - fulfillment test


"पूर्ति परीक्षण" का प्रक्षेपी विधियों में अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है। पूर्ति परीक्षण से संबंधित मुख्य हैं बातें  है।


1. इस परीक्षण में प्रयोज्य को उद्दीपक अर्थात् वाक्य का एक हिस्सा दिखाया जाता है और भाग खाली होता है। इस खाली भाग की पूर्ति प्रयोज्य अपने अनुसार वाक्य बनाकर करता है।


2. प्रयोज्य अधूरे वाक्य को जिस ढंग से पूरा करता है, परीक्षणकर्ता उस आधार पर उसके व्यक्तित्व का मापन करता है। 


3. सन् 1940 में रोहडे तथा हाइड्रोथ द्वारा तथा सन् 1950 में रौट्टर द्वारा पूर्ति परीक्षण का निर्माण किया गया।


4. भारत में भी इस प्रकार के परीक्षणों का अनेक विद्वानों द्वारा निर्माण किया गया। जिनमें “विश्वनाथ मुखर्जी का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है । वाक्यपूर्ति परीक्षण के एकांश के कतिपय उदाहरण नीचे दिये जा रहे हैं। जैसे कि


5. मेरे माता-पिता मुझसे प्रायः………….


6. मेरी इच्छा है कि…………….


7. मैं प्राय: सोचता रहता हूँ कि…………. इत्यादि।