महत्वपूर्ण कृतियाँ - important works
महत्वपूर्ण कृतियाँ - important works
विल्फ्रेडो पैरेटो ने बहुत कुछ लिखा है- अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र में। प्रारंभ उनके कुछ फुटकर निबंध अर्थशास्त्र में थे। इन्हीं कारणों से वे सन् 1892 में राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हुए। उन्होंने इटली का एक वाकया अपनी (ट्रिटाइज) में लिखा है। वे इटली में आयोजित एक सेमिनार में भाग लेने गए थे। उस समय के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री उस बैठक में उपस्थित थे। यहाँ पैरेटो ने कहा कि अर्थशास्त्र एक प्रत्यक्षवादी समाज विज्ञान (Paritine Social Science) है। उनका यह कहना था कि बैठक के कई सदस्यों ने उनकी इस बात का उपहास बनाना प्रारंभ कर दिया। अन्ततः जैसा कि बैठकों में होता है। स्थिति विपरीत होता देख पैरेटों शांत हो गए। इसी बैठक के बाद शाम को पैरेटो भोजन प्राप्त करने के लिए वे किसी होटल की तलाश में निकलें। बैठक में उपस्थित एक भागीदार से उनकी मुलाकात हो गई। पैरेटो ने बैठक के भागीदार से पूछा कि क्या वे उन्हें ऐसा कोई होटल बता सकते हैं, जहाँ मुफ्त में खाना मिले। पैरेटो ने यह इसलिए पूछा क्योंकि वे इस शहर में अजनबी थे। भागीदार ने टपाक से उत्तर दिया की कहीं भी ऐसा होटल नहीं मिलोगा जो मुफ्त में खाना दे, हाँ यह अवश्य है
कि किसी होटल में सस्ता खाना मिल जाएगा और किसी में महँगा। अब बारी पैरेटो के बोलने की थी, उन्होंने कहा. "यही तो अर्थशास्त्र का सिद्धांत है।" कहने का तात्पर्य है कि अर्थशास्त्र को एक प्रत्यक्षवादी विज्ञान बनाने में पैरेटो का अमूल्य योगदन है।
कालांतर में व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में इसी परिवर्तन ने पैरेटो को धीरे-धीरे मानवीय व्यवहार व समाजशास्त्र से जोड़ना प्रारंभ किया। हालाँकि वे किसी भी मायने में जितना वो अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उच्च कोटि के ज्ञाता वक्ता थे उसी प्रकार समाजशास्त्र के क्षेत्र में भी इनको विचार बहुमुल्य है। जब ये समाजशास्त्र के प्रोफेसर थे तब मुसोलिनी उनका विद्यार्थी था और वह फासीवाद की लड़ाई में परचे बाँटते थे तो वे पैरेटो के कोटेशन देना नहीं भूलते थे। पैरेटो ऊँचे दर्जे के तार्किक थे। समाजशास्त्र के निर्माण में इन्होंने अपनी तर्क शक्ति का पूरा इस्तेमाल किया है। जो भी समाजशास्त्री इनकी (ट्रिटाइज) पढ़ता है वह यह स्वीकार करता है। तर्क से अतिरिक्त इनकी दूसरी विशेषण गणित है। उन्होंने अर्थशास्त्र ही नहीं समाजशास्त्र में भी गणित का प्रयोग किया है।
पैरेटो की कृतियों में यूरोप की दो परंपराओं का निर्वाह है। एक तो फ्रांस व दूसरे इटली की परंपरा । इनके व्यक्तित्व के विकास में दोनों परंपराएँ स्पष्ट रूप से उभरकर आती हैं। इटली के बौद्धिक समाज में मैकियावली (Mechivavelli) का बड़ा आदर था। मेकियावली राजनीति के विशेषज्ञ थे व इनका झुकाव फासीवाद की ओर था। पैरेटो इन्हें अपना आदर्श मानते थे। अतः इनका झुकाव भी फांसीवाद की तरफ गया। पैरेटो के कारण मुसोलिनी का झुकाव हुआ।
पैरोटो डार्बिन से भी बहुत प्रभावित थे। इन्होंने हरबर्ट स्पेन्सर के उद्विकास का भी अध्ययन किया था। उस युग में मीड का बड़ा नाम था। मीड ने अपनी कृतियों में व्यक्ति और समाज के संबंधों को देखा है। उनका कहना था कि व्यक्ति के लिए समाज सबसे ऊपर है। व्यक्ति तो समाज की प्रतिकृति मात्र है। इस विचार धारा ने भी पैरेटो को प्रभावित किया। पैरेटो पर शायद उस समय के फासीवादी लेखक मोस्का (Mosca) का भी प्रभाव था।
एक स्थान पर मुसोलिनी ने पैरेटो के लिए यह टिप्पणी दी थी कि (पैरेटो बुर्जुआ कार्ल मार्क्स है ) । इसका अर्थ है जिस तरह मार्क्स ने सर्वहारा वर्ग की हिमायत की कुछ उसी तरह से पैरेटो ने बुर्जुआ वर्ग भी किया। पैरेटो ने अपने विचारों को स्पष्ट करने के लिए जो अमूल्य ग्रंथ लिखे जो इस प्रकार है-
Cours d (Economic Politive) Lausanne, Vol.1. 1896 (Vol.II. 1897). Les Systems Socialiestes (Paris, 1903) Manuale d (Economia Politica (Milan, 1906), Trattato d (Socilogia generale (Paris and Lausanne. 1919, tranlated "Mind and Society". uvols, New Yard 1935).
उपर्युक्त पुस्तकों के अतिरिक्त पैरेटो ने अपने जीवनकाल में सन् 1890 के पूर्व (इटली का सतारूढ़ वर्ग( पर भी एक पुस्तक लिखी थी जो उनकी मृत्यु के बाद सन् 1950 में प्रकाशित हुई। इन सभी पुस्तकों से स्पष्ट होता है कि अपनी पहली रचना को छोड़कर बाद की सभी पुस्तकों में पैरेटो का चिंतन मुख्यतः समाजशास्त्र की ओर उन्मुख रहा। (ट्रीटीज ऑन जनरल सोशियोलॉजी) वह सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक है, जिसमें पैरेटो ने समाजशास्त्र की अवधारणाएँ प्रस्तुत की तथा समाजिक घटनाओं के विवेचन को अनेक सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक तथा राजनीतिक कारकों के संदर्भ में स्पष्ट किया। फ्रेंच तथा इटालियन भाषा में उन्होंने लगभग 100 से भी अधिक लेख लिखकर समय-समय पर अपने विचार व्यक्त किए। इन सभी से पैरेटो का प्रतिभाशाली और मौलिक चिंतन स्पष्ट होता है।
वार्तालाप में शामिल हों