पारसन्स के विचारों पर प्रभाव - Influence on Parsons's ideas

पारसन्स के विचारों पर प्रभाव - Influence on Parsons's ideas


पारसन्स की विचारधार पर पड़ने वाले प्रभावों को निम्नलिखित विभागों विभाजित किया जा सकता है-


(1) पारिवारिक दशाएँ- पारसन्स के विचारधारा पर पारिवारिक दशाओं का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा था। पारसन्स के पिता एवं प्रतिभाशाली व्यक्ति थे। प्रतिभाशाली व्यक्ति थे। प्रतिभाशाली व्यक्ति होने के कारण उनका संपर्क अपने विचारकों से होता था। यही कारण है कि माँ अत्यंत ही शांत एवं धार्मिक स्वभाव की थी। इस प्रकार पारसन्स की विचारधारस में उसके माता-पिता के भूमिका महत्वपूर्ण है।


(2) हैमिलटन हैमिल्टन को संस्थागत अर्थशास्त्र का संस्थापक कहा जाता है।

पारसन्स लंदन के अर्थशास्त्रीय स्कूल का सदस्य बना और हैमिल्टन के संपर्क में आया हैमिल्टन के अतिरिक्त इस संस्था में उसका संपर्क हाबहाउस गिसवर्ग और मेलिनों वस्की जैसे महान विचारकों से हुआ। इन विचारकों के संपर्क का ही यह परिणाम था कि पारसन्स अर्थशास्त्र से समाजशास्त्र और मानवशास्त्र में रूचि लेने लगा। 


(3) मार्क्स और वेबर जैसा कि ऊपर लिखा हुआ है कि पारसन्स उच्च अध्ययन के लिए जर्मनी आया था और यहाँ उसने अपने और वेबर के ग्रंथों का गहन अध्ययन किया था। उसने वेबर की दो पुस्तकों का अनुवाद भी किया था। मार्क्स और वेबर के प्रभाव के परिणामस्वरूप पारसन्स सामाजिक क्रिया और व्यवस्था के सिद्धांत का प्रतिपादन किया था।


(4) दुर्खीम पारसन्स के ऊपर दुर्खीम की विचार का प्रभाव पड़ा था। उसने दुर्खीम के श्रम के विभाजन के आधार पर सामाजिक उद्विकास, आत्महत्या के आधार पर मानव व्यवहार और धार्मिक जीवन के अन्य स्वरूपों के आधार पर समाज में धर्म के महत्व का प्रतिपादन किया था। इन्ही उपर्युक्त सिद्धांतों के आधार पर सामाजिक सिद्धांत की अवधारणा स्पष्ट किया है।