अधिसंरचना एवं अधोसंरचना - infrastructure and infrastructure
अधिसंरचना एवं अधोसंरचना - infrastructure and infrastructure
कार्ल मार्क्स ने अने इस सिद्धांत की व्याख्या के लिए समाज को दो मूल भागों में बाँटा है। इसे मार्क्स अधिसंरचना' Super Structure) 'अधोसंरचना' (Substructure) कहते हैं। यहाँ हम इन संरचनाओं की व्याख्या पूरे विस्तार से करेंगे। मार्क्स के अनुसार संपूर्ण समाज के ऊपरी भागा के अधिसंरचना (Super Structure) कहा गया है जबकि समाज के बुनियादी भाग को या निचले भाग को अधो-संरचना (Sub-Structure) कहा जाता है। इन दोनों संरचनाओं के सम्मिलित रूप को मार्क्स (समाज) मानते हैं।
(1) अधोसरंचना मार्क्स के अनुसार अधोसंरचना समाज का आधार या केंद्रीय भाग है जिसमें श्रमिक, के उत्पादन, उत्पादन के अनुभव, उत्पादन के साधन श्रम कौशल एवं उत्पादन के संबंधों को शामिल किया जा सकता है।
इस प्रकार यह एक प्रकार की आर्थिक संरचना हैं और यही वह वास्तविक नींव है जिस पर समाज की अधिसंरचना टिकी होती है।
(2) अधिसंरचना अधिसंरचना में समाज का बाहरी भाग आता है। इसके भीतर सामाजिक जीवन के विभिन्न पक्ष जैसे राजनीतिक, बौद्धिक, वैधानिक सांस्कृतिक आदि को सम्मिलित किया जा सकता है। मार्क्स का मानना है कि अधोसंरचना के अनुरूप ही अधिसंरचना की प्रकृति निश्चित होती है। दूसरे शब्द में ये दोनों एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप में अंतरसंबंधित हैं।
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