नेतृत्व की शैलियाँ - leadership styles

नेतृत्व की शैलियाँ - Leadership Styles


1. कथनी शैली


1. औसत से अधिक कार्य अभिमुखी और औसत से कम सम्बन्ध अभिमुखी।


2. इस शैली के लिए 'कथनी' शब्द का अर्थ है कि अनुयायियों से कहना या उन्हें आदेश देना कि उन्हें क्या. कहां और कैसे करना है।


3. यह शैली तब सर्वाधिक उपयुक्त है जब अनुयायियों की तत्परता का स्तर औसत से बहुत कम है अर्थात उनमें योग्यता और सहयोगशील दोनों की कमी है। ऐसे में उन्हें निदेशित किए जाने की जरूरत है।


4. इसे मार्गदर्शक, निदेशक या संरचक (guidancing directing or structuring) शैली भी कहा जा सकता है।


2. विक्रयी शैली


1. औसत से अधिक कार्य अभिमुखी और सम्बन्ध अभिमुखी।


2. इस शैली के लिए विक्रयी' शब्द का अर्थ है कि यहां अनुयायियों को सिर्फ मार्गदर्शन नही दिया जाता, बल्कि उन्हें अपनी बात कहने और स्पष्टीकरण मांगने का अवसर भी दिया जाता है। यहां क्या. कहां और कैसे के साथ-साथ क्यों' भी जुड़ा है। यहां क्यो" का स्पष्टीकरण ही इसे कथनी शैली से अलग करता है।


3. यह शैली तब सर्वाधिक उपयुक्त है जब अनुयायियों की तत्परता का स्तर औसत से कम है अर्थात् यद्यपि वे सभी अयोग्य हैं लेकिन प्रयासरत भी है और अपने इस प्रयत्न पर आश्वस्त है। 4. इसे व्याख्यापरक, सम्मतिपरक या स्पष्टीकृत (explaining persuading or clarifying) शैली भी कह सकते है।


3. सहभागी शैली


1. औसत से कम कार्य-अभिमुखी और औसत से अधिक सम्बन्ध अभिमुखी व्यवहार।


2. इस शैली के जिए 'सहभागी' शब्द का आशय है कि यहां नेता के निदेशित व्यवहार की तुलना में समर्थित व्यवहार का महत्तव बढ़ जाता है। यहां नेता की भूमिका अपने अनुयायियों को सम्प्रेषित करने और उन्हें प्रोत्साहित करने की बन जाती है।