धर्म , धर्म का अर्थ - meaning of religion

धर्म , धर्म का अर्थ - meaning of religion

मानव का ईश्वर से संबंध प्रस्थापित करने का माध्यम धर्म माना जाता है। सत्य, शिव, सुंदर ही ईश्वर है। धर्म से हम मानव के आध्यात्मिक जीवन को समझते है। जो प्राणि-मात्र को स्थायित्व एवं शक्ति प्रदान करता है उसे धर्म कहते है। धर्म शब्द की व्युत्पत्ति धी' नामक धातु से हुई है। जिसका अर्थ धारण करना होता है। अर्थात सबको धारण करने वाली अथवा सबको एक सूत्र में बंधने वाली व्यवस्था धर्म कहलाती है। सद्प्रवृत्ति, सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय दृष्टिकोण, नैतिकता, आदर्श आचरण, मूल्य आदि को अपनाकर कार्य करता है

वही धर्म कहलाता है। आंग्ल भाषा में धर्म शब्द के लिए रिलिजन (Religion) शब्द का प्रयोग किया जाता है। 'Religion' शब्द की व्युत्पत्ति लैटिन भाषा के Re' (रि) तथा 'Legere' (लिगर) से मिलकर हुई है। जिसका अर्थ फिर से बांधना या संबंध जोड़ना है। तात्पर्य, स्व जीवन, समाज, मान्यता, क्रियाकलापों, व्यवहार, मान्यता, जबाबदेही आदि से मानव को जोड़ता है।


धर्म का अर्थ (Meaning of Religion)


“यतोभुदय निःश्रेयसिधिः स धर्म अर्थात धर्म वह है जो मनुष्य के लौकिक एवं पारलौकिक उन्नति एवं कल्याण में सहायक हो। 

(महर्षि कणाद)


“व्यक्ति में अंतर्निहित आध्यत्मिक तथा दैवी शक्ति ही धर्म है।"

(स्वामी विवेकानंद )


“धर्म एक सांस्कृतिक प्रतिकृति है जो अलौकिक अथवा असाधारण से उस प्रकार के संबंध रखता है, जैसे की उन विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा समझे जाते है जो की उसमे अलिप्त है।" 

(किलपैट्रिक)