मर्टन का प्रकार्यवाद में योगदान - Merton's contribution to functionalism
मर्टन का प्रकार्यवाद में योगदान - Merton's contribution to functionalism
मर्टन ने पूर्ववर्ती विचारकों (Peceding thinkers) के विचारों, सिद्धांतों, पद्धतियों आदि का व्यवस्थित ऐतहासिक सिंहावलोकन किया है और उनका सूक्ष्म विवेचन करके वैज्ञानिक आधार प्रदान करने का प्रयास किया है। इसके अतिरिक्त उसने कुछ आवश्यक नए तथ्य जोड़े हैं, जैसे अंतर्निहित प्रकार्य (latent functions), प्रत्यक्ष प्रकार्य (Manifest Functions ), अकार्य ( Dysfunction) के प्रत्ययों का विकास किया है। मर्टन ने प्रकार्यात्म विश्लेषण के प्रारूप ( Paradigm for functional analysis ) का निर्माण किया है, जो कि प्रकार्यात्मक विश्लेषण में अति अधिक सहायक सिद्ध हुआ।
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