बहुस्तरीय निदर्शन - multilevel modeling
बहुस्तरीय निदर्शन - multilevel modeling
यह निदर्शन कुछ सीमा तक स्तरित निदर्शन के ही समान होता है लेकिन इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि इसका प्रयोग किसी बहुत बड़े अध्ययन क्षेत्र में से एक निदर्शन चुनने के लिए किया जाता है। जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, बहुस्तरीय निदर्शन के अंतर्गत इकाइयों के चुनाव की प्रक्रिया अनेक स्तरों में से होकर गुजरती है। परंतु प्रत्येक स्तर पर इकाइयों के चुनाव का कार्य दैव निदर्शन की प्रणाली के द्वारा ही किया जाता है। उदाहरण के लिए, भारत में छात्रों की समस्याएं जैसा विषय इतने बड़े समग्र से संबंधित है कि इसका अध्ययन करने के लिए अनेक स्तरों पर निदर्शन का चुनाव करना आवश्यक होगा। इसका तात्पर्य है
कि पहले स्तर पर राज्यों का चुनाव. दूसरे स्तर पर चुने गए राज्यों में विभिन्न जिलों का चुनाव. तीसरे स्तर पर विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों का चुनाव, चौथे स्तर पर संकायों का चुनाव, पांचवें स्तर पर विभागों का चुनाव और अंतिम स्तर पर छात्रों का चुनाव करने से ही एक प्रतिनिधि निदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे निदर्शन में इकाइयों का चुनाव क्योंकि अनेक स्तरों के द्वारा किया जाता है. इसलिए ऐसे निदर्शन को बहुस्तरीय निदर्शन कहा जाता है। वे अध्ययन विषय जो एक छोटे भौगोलिक क्षेत्र से संबंधित होते हैं अथवा जिनसे संबंधित विभिन्न वर्गों के बीच कोई स्पष्ट विभाजन नहीं होता, वहां इस प्रकार के निदर्शन की कोई आवश्यकता नहीं होती। वर्तमान समय में वृहद अध्ययनों के लिए बहुस्तरीय निदर्शन की प्रविधि का प्रयोग करने का प्रचलन निरंतर बढ़ता जा रहा है।
वार्तालाप में शामिल हों