शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति - National Policy on Education
शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति - National Policy on Education
स्वतंत्रता के पश्चात् शिक्षा के विकास के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकारों ने विभिन्न शैक्षिक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए कई समितियों एवं आयोगो का गठन किया किन्तु संविधान में शिक्षा को राज्य सरकार की जिम्मेदारी समझा गया इस कारण से शिक्षा का कोई राष्ट्रीय स्वरूप विकसित नहीं हुआ। शिक्षा का राष्ट्रीय स्वरूप विकसित करने के लिए भारत सरकार ने 1964 में कोठारी आयोग का गठन किया। कोठारी आयोग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाने की सिफारिश की आयोग के सुझाव के अनुरूप सन् 1968 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 कहा जाता है।
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