धार्मिक शिक्षा की आवश्यकता - need for religious education

धार्मिक शिक्षा की आवश्यकता - need for religious education


आज के समाज में धार्मिक शिक्षा की आवश्यकता अधिक है। विद्यापीठ आयोग ने किसी एक धर्म का पक्ष ना लेते हुए धार्मिक शिक्षा की आवश्यकता जताई है। व्यक्तित्व निर्माण में धार्मिक शिक्षा का अधिक महत्त्व है। धार्मिक शिक्षा विद्यालयों में देने के संदर्भ में विद्वानों में मतभेद है। पाश्चिमात्य राष्ट्रों ने भौतिकवाद एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का स्वीकार करते हुए धार्मिक शिक्षा का बहिष्कार प्रारंभिक काल में किया। किंतु वर्तमान में पाश्चिमात्य विद्वान धार्मिक शिक्षा पर बल देते हुए दिखते है। भारतीय नेताओं ने धार्मिक शिक्षा का अधिकांशतः पुरस्कार ही किया है। जिसमे सभी धर्मो में समाहित समान मुलभुत आदर्श तत्वों का अंतर्भाव शिक्षा में करने पर बल दिया है। मानसिक एवं आतंरिक शांति के लिए धार्मिक शिक्षा आवश्यक है। सर्वधर्म समभाव पर आधारित धार्मिक शिक्षा की वर्तमान समाज में अत्यंत आवश्यकता है। शाश्वत मानव जीवन के लिए सर्वधर्म समभाव पर आधारित धार्मिक शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। भारत को वैश्विक महासत्ता बनाने में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। वैश्विक सत्ता बनाने में आदर्श नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण है जो नैतिक शिक्षा द्वारा ही संभव है।