साहित्य पुनरावलोकन की विशेषता एवं आवश्यकता - Needs and Character of Literature Review

 साहित्य पुनरावलोकन की विशेषता एवं आवश्यकता - Needs and Character of Literature Review


साहित्य की समीक्षा, सारांश, वर्गीकरण और पिछले अनुसंधान अध्ययन, साहित्य की समीक्षा और पत्रिका के लेख की तुलना में उपयोग के माध्यम से उपलब्ध ज्ञान की प्रकाशित शरीर के एक हिस्से की महत्वपूर्ण विश्लेषण है। यह एक विशेष विषय पर उपलब्ध वर्तमान विद्वानों के अध्ययन कार्य एक निश्चित समय अवधि के भीतर की परख करता है। यह महज मौजूदा कार्य का एक योग नहीं है। इसका उद्देश्य विषय की वर्तमान ज्ञान को स्थापित करने के क्रम में गंभीर रूप से लागू ज्ञान की प्रकाशित शरीर का विश्लेषण करना है।


साहित्य पुनरावलोकन में साहित्य जरूरी नहीं की केवल दुनिया के महान साहित्यिक ग्रंथों बल्कि एक विषय पर सामग्री के संग्रह करने के लिए संदर्भित करता है।

साहित्य पत्रिकाओं से लेकर विद्वानों के लेखों तक कुछ भी हो सकता है। साहित्य का मतलब जरूरी नहीं कि आपका पाठक आपकी निजी राय जानना चाहता है जैसे आप इन स्रोतों को पसंद करते हैं या नहीं। साहित्य समीक्षा का लेखन मानविकी में कभी-कभी लेकिन विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, प्रयोग और प्रयोगशाला की रिपोर्ट आदि में ज्यादातर किया जाता है। साहित्य की समीक्षा को कभी-कभी एक अलग पेपर के रूप में भी लिखा जाता है। कई शैक्षणिक लेखन कार्य की तरह, साहित्य की समीक्षा लिखने के लिए कोई एक सार्वभौमिक मानक नहीं है बल्कि इसका प्रारूप विषयानुशासन से विषयानुशासन के कार्य-कार्य में अंतर हो सकता है।