भारत में ग्रामों के व्यवस्थित वर्गीकरण की आवश्यकता - Needs of systematic classification of Village in India

भारत में ग्रामों के व्यवस्थित वर्गीकरण की आवश्यकता - Needs of systematic classification of Village in India


इस प्रकार हम देखते हैं कि विभिन्न मानकों के आधार पर गांव के प्रकारों का उल्लेख किया गया है। भारतीय गांवों का व्यवस्थित वर्गीकरण तथा उनके इतिहास का अध्ययन करके हम ग्राम समुदायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि भारतीय गांव में प्रचलित विभिन्न प्रकार की संस्थाओं का उदय कब और कैसे हुआ था। भारतीय ग्रामों के व्यवस्थित अध्ययन से देसाई के अनुसार तीन तत्वों की जानकारी प्राप्त होगी


1. उन नियमों का पता चलेगा जिनके आधार पर भारतीय ग्राम समुदायों का उदय और विकास हुआ है। इससे इतिहासकारों एवं समाजशास्त्रीयो को भारतीय समाज के विशिष्ट विकास के नियमों का पता लगाने में सहायता मिलेगी।


2. भारतीय सभ्यता के विकास की विभिन्न अवस्थाओं का पता चलेगा। 


3. ग्रामों में कार्य करने वालों को ग्रामीण पुनर्निर्माण के वैज्ञानिक कार्यक्रम के आयोजन में सहायता मिल सकेगी।