प्रेक्षक की आवश्यकताएं ,व्यक्तिगत प्रवृतियां - Observer's needs, personal tendencies

प्रेक्षक की आवश्यकताएं ,व्यक्तिगत प्रवृतियां - Observer's needs, personal tendencies


व्यक्ति अपनी आवश्यकता के अनुसार अपने उद्देश्य की प्राप्ति हेतु तथा उस उद्देश्य के कारण कुछ कारकों को निर्धारित करता है। अनेक ऐसी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताएं हैं, जो गुणारोपण को प्रभावित करती हैं। उदाहरण कोई भी व्यक्ति किसी कार्य के संपादन के लिए पूर्ण स्वतंत्र है। अर्थात उसे यह स्वतंत्रता होती है कि वह कार्य को करने अथवा ना करने के दो विकल्पों में से किसी एक का चुनाव कर ले। ऐसी स्वतंत्रता की अनुभूति करना एक मनोवैज्ञानिक आवश्यकता है (स्टाइनर, 1970)। स्वयं को परिवेश का नियंत्रक समझना भी एक मनोवैज्ञानिक आवश्यकता है (वर्टमैन, 1976)। ये आवश्यकताएं हमारे गुणारोपण को प्रभावित करती हैं।

किसी व्यक्ति की क्रियाओं को प्रेक्षण करने के पश्चात जब हम क्रियाओं के आधार पर कर्ता का मूल्यांकन व गुणारोपण करते हैं तो गुणारोपण इस बात से प्रभावित हो जाता है कि व्यक्ति की क्रियाएं हमारे लिए कितनी उपयोगी हैं तथा उनसे हमारी आवश्यकताओं की कितनी पूर्ति होती है। 


व्यक्तिगत प्रवृतियां


कुछ व्यक्तियों को अनावश्यक रूप से हर सफलता अथवा असफलता भाग्य के कारण होती प्रतीत होती है। कुछ व्यक्ति अधिक अथवा कम योग्यता को ही गुणारोपण करते हैं। गुणारोपण इस प्रकार की व्यक्तिगत प्रवृत्तियों को उत्पन्न करने वाले अनेक संभावित कारक होते हैं। जिनमें उपलब्धि की आवश्यकता तथा यौन दो महत्वपूर्ण कारक है।