पितृसत्ता की उत्पत्ति संबंधी मत - patriarchy

पितृसत्ता की उत्पत्ति संबंधी मत - patriarchy


किसी भी सत्ता संरचना के साथ ऐसे तर्क भी जुड़े रहते हैं जो उसे स्वाभाविक ठहराएँ, ताकि जो सत्ताहीन हैं वे सवाल न उठाएँ और जो सत्तासीन हैं उन्हें सत्ता-संबंध बनाए रखने के लिए दमनात्मक तरीकों पर ज़्यादा निर्भर न रहना पड़े। कारण यह है कि दमनशीलता प्रतिरोध को जन्म देती है। पितृसत्ता को भी स्वाभाविक ठहराने के लिए ज़रूरत के हिसाब से समय-समय पर तर्क गढ़े जाते रहे हैं। ये तर्क इसे सार्वभौम और सर्वकालिक यानि कभी न खत्म होने वाली कहानी सिद्ध करते हैं। वहीं, स्त्री मुक्ति के पक्षधर और स्त्रीवादी उन तर्कों को न केवल गलत सिद्ध करते रहे हैं, बल्कि ऐसे तर्क प्रस्तुत करते रहे हैं जो पितृसत्ता के चेहरे से सार्वभौमिकता और सर्वकालिक ता का आवरण हटाकर उसे खत्म होने वाली कहानी सिद्ध करते हैं।