व्यक्ति सांवेदिक सूचनाओं का प्रक्रमणकर्ता - person sensory information processor

 व्यक्ति सांवेदिक सूचनाओं का प्रक्रमणकर्ता - person sensory information processor


सामाजिक संज्ञान की व्याख्या में एक अत्यंत महत्वपूर्ण परिवर्तन तब हुआ जब अनेक मनोवैज्ञानिकों ने व्यक्ति को तार्किक, अभिप्रेरित, अहं सुरक्षाकारी तथा युक्तिसंगतकारी प्राणी के रूप में ना स्वीकार करते हुए एक अबोध मनोवैज्ञानिक के रूप में स्वीकार किया। इस अभिग्रह के अनुसार सामान्य व्यक्ति अबोध मनोवैज्ञानिक रूप में अनुभववादी न होकर तर्कवादी होता है। प्रत्येक व्यक्ति के मन में सामाजिक जगत का कोई ना कोई सिद्धान्त अवश्य होता है और वह इसी सिद्धान्त के आधार पर सामाजिक यथार्थ का अनुमान कर्ता है। व्यक्ति ऐसे ही सिद्धान्त के अनुरूप परिवेश से प्राप्त होने वाली सूचनाओं कूट संकेत. भंडारण तथा पुनरुद्धार कर्ता है। ऐसा करने में व्यक्ति अनेक प्रकार की त्रुटि भी करता है।