भारत की राजनितिक विचारधाराएं , गांधीवादी विचारधारा - Political Ideology of India Gandhian Ideology
भारत की राजनितिक विचारधाराएं , गांधीवादी विचारधारा - Political Ideology of India Gandhian Ideology
स्वातंत्र्य पूर्व से वर्तमान काल तक राजनितिक विचारधाराओं में गांधीवादी विचारधारा, अंबेडकरवादी विचारधारा मार्क्सवादी विचारधारा समाजवादी विचारधारा राष्ट्रवादी विचारधारा, हिंदूत्ववादी विचारधारा, मुस्लिम राष्ट्रवादी विचारधारा आदि प्रकार की राजनितिक विचारधारा भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पायी जाती है। भारत के लोकतंत्र के अंतर्गत कार्यान्वित विभिन्न राजनितिक विचारधारा लोकतंत्र के रंगबिरंगी वस्त्र है, जो भारतीय लोकतंत्र को आधिक विस्तारित एवं विकसित करने का प्रयास कर रहे है। जिसके संदर्भ जानकारी निम्नवत है
● गांधीवादी विचारधारा (Gandhi's Political Philosophy):
मोहनदास करमचंद गांधी गांधीवादी विचारधारा के जनक है। सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह धार्मिक सहिष्णुता, शांति, श्रमप्रतिष्ठा आदि मूल्यों की उन्होंने राजनितिक एवं जीवन मूल्यों की प्रतिष्ठापना कर भारतीय जीवनशैली को नया स्वरूप प्रदान किया।
विशाल धार्मिक एवं नैतिक लक्ष्य की पूर्ति के लिए राजनीती को अपनाया। गांधीजी ने स्वयं स्वीकार किया कि गांधीवाद' नाम की किसी विचारधारा का अस्तित्व नहीं है। (ओ.पी.गाबा: राजनीती-चिंतन की रुपरेखा, पृष्ठ सं. 410) किन्तु उनके जीवन एवं व्यवहार से विकसित मूल्यों का समुच्चय गांधीवादी विचारधारा माना जाता है। सत्य और अहिंसा उनके जीवन के मूलमंत्र थे। सत्याग्रह राजनीती का शस्त्र एवं अस्त्र है। गांधीजी ने राजनीती एवं नीतिशास्त्र की परस्पर एकता को स्वीकार किया है। वह धार्मिक सहिष्णुता एवं उदारता के पक्षधर रहे हैं। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के वह प्रमुख सेनानी माने जाते है। उन्होंने ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा दिया। सामाजिक, आर्थिक, राजनितिक एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर उन्होंने बल दिया। गांधीवाद यह फॅसिजम एवं साम्यवाद को अमान्य कर लोकतंत्र का स्वीकार करता है। अहिंसा पर आधारित ही आदर्श राज्य या समाज हो सकता है।
अपने जीवन में सर्वोदय का अंगीकार करने का प्रयास किया। जवाहरलाल नेहरू, राजगोपालाचारी, सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद, विनोबा भावे, आचार्य कृपलानी आदि गांधीवाद के समर्थक मने जाते है। भारतीय राष्ट्रिय काँग्रेस यह गांधीवाद पर अधिष्टित राजनितिक विचारधारा एवं पक्ष है। स्वातंत्र्योत्तर काल में जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मन मोहन सिंह आदि शिर्ष नेताओं ने भारतीय राष्ट्रिय काँग्रेस का नेतृत्व किया है। गांधीजी की विचारधारा पर आधारित बुनियादी शिक्षा या नई तालीम यह शिक्षा योजना वर्धा में क्रियान्वित है। स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता, ग्रामीण उद्योग आदि नई तालीम शिक्षा के मुतातत्व है।
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