राजनितिक विचारधाराएं , राजनितिक संस्थाओं का उदय - Political Ideology, Rise of Political Institutions

राजनितिक विचारधाराएं , राजनितिक संस्थाओं का उदय - Political Ideology, Rise of Political Institutions


राजनितिक विचारधारा समझने से पूर्व राजनितिक संस्था का उदय कीस प्रकार हुआ यह देखना जरुरी है। राजनितिक संस्थाओं को समझने के उपरांत विश्व एवं भारत के संदर्भ में राजनितिक विचारधाराओं के संदर्भ जानकारी लेंगे। 


राजनितिक संस्थाओं का उदय


राजनितिक संस्थाओं या राजनितिक विचारधाराओं को समझने के पूर्व राजनीतिक संस्थाओं के निर्माण के संदर्भ में जानना जरूरी है। व्यक्तियों ने अपनी आवश्यकता की पूर्ति हेतु समाज का निर्माण कीया। समाज व्यवस्था के निर्माण के पूर्व व्यक्ति स्वतंत्र था एवं व्यक्तियों के व्यवहार पर स्वयं का ही नियंत्रण था। स्वहित एवं स्वसंरक्षण के लिए व्यक्तियों ने समाज का निर्माण किया।

समाज का निर्माण व्यक्तीयोंने स्वयं किया। व्यक्तियों ने समाज के निर्माण के लिए अपने पूर्व स्वातंत्र्य एवं स्वायतत्ता का त्याग किया। व्यक्ति एक समाजशील प्राणी है। व्यक्ति विकास के साथ-साथ समाज का विकास करना आवश्यक होता है। समाज विकास में ही व्यक्ति का विकास अंतर्निहित होता है। समाज विकास के बिना व्यक्ति का विकास अधुरा है। व्यक्ति का हित तभी हो सकता है जब समाज का हित होगा। इसके लिए समाज का स्वास्थ्य अच्छा रहना आवश्यक है। समाज की सुव्यवस्था समाज स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होती है। समाज में निर्मित विवाद का निवारण करने के लिए सामाजिक व्यवस्था की अत्यंत आवश्यकता होती है। सामाजिक व्यवस्था के निर्माण एवं संचालन के लिए बौद्धिक एवं शारीरिक प्रबल व्यक्तियों की आवश्यकता थी।

सामाजिक जीवन के सुचारु संचालन हेतु राजनितिक सत्ता की आवश्यकता निर्माण हुई। समाज ने उक्त आवश्यकता की पुर्तता कर समाज के संचालन हेतु नेतृत्व विकसित किया। विभिन्न क्षेत्र के नेतृत्व करनेवाले व्यक्तियों के द्वारा राजसत्ता का निर्माण हुआ। यह राजनितिक सत्ता एक या अधिक व्यक्तियों के पास रही जिससे राजनीती का प्रारंभ हुआ। इ.स. 500 के पूर्व स्पार्टा. अथेन्स आदि राज्यों में नागरी शासन व्यवस्था प्रचलित थी। प्राचीन भारत में भी नागरी शासनप्रनाली की व्यवस्था का इतिहास प्राप्त होता है। राजेशाही. महाजनशाही, सरदारशाही, सरंजामशाही, हुकुमशाही, साम्यवादी, अध्यक्षीय शासनप्रनाली, लोकशाही आदि प्रकार की शासनप्रनाली विश्व के विभिन्न देशों में पायी जाती है।