प्रकार्यात्मक विश्लेषण में प्रचलित मान्यताएँ - Prevailing Assumptions in Functional Analysis
प्रकार्यात्मक विश्लेषण में प्रचलित मान्यताएँ - Prevailing Assumptions in Functional Analysis
मर्टन ने निम्न तीन मान्यताओं का उल्लेख किया है:
(1) सामाजिक क्रियाएँ या सांस्कृतिक तथ्य संपूर्ण सामाजिक या सांस्कृतिक तंत्र के लिए प्रकार्यात्मक होते हैं
(2) ऐसे सब सामाजिक एवं सांस्कृतिक तथ्य समाजशास्त्रीय प्रकार्यो को पूरा करते हैं और
(3) ये तथ्य परिणामतः अनिवार्य और अपरिहार्य हैं।
ऐमट ने भी इसी प्रकार की मान्यताओं का विवरण दिया है:
(1) अध्ययन की वस्तु संपूर्ण इकाई के रूप में एक तंत्र का हिस्सा होता है
(2) यह एक अंतरिक जटिल के रूप में होता है, जिसमें कि भाग एक-दूसरे पर अन्योन्याश्रिम होते हैं
(3) भाग संपूर्ण को बनो रखने में योग देते हैं। अब हम इन पर एक-एक करके विचार करेंगे:
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