आदिम समाज - primitive social formation
आदिम समाज - primitive social formation
यह मानव समाज का सबसे आरंभिक युग है। ऐसे समाज में उत्पादन के साधन एवं स्रोत सामूहिक नियंत्रण में होते हैं। निजी संपत्ति नहीं होती है। वर्ग नहीं होता है। इसीलिए वर्गीय संस्थाएँ यानी राज्य, सरकार, कानून भी नहीं होता है। इन्हें राज्य विहीन समाज कहते हैं। इनमें परिवार का स्वरूप स्पष्ट नहीं होता है। नातेदारी होती है। आदिवासी समाजों में नातेदारी सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक जीवन का मूल आधार होता है। मानव समाज में अफ्रीका, एशिया, अमेरिका में आज भी ऐसे समाज हैं। भारत में झारखंड के असुर, उत्तराखंड के राजी ऐसे ही हैं। ये भी परिवर्तन एवं संपर्क के कारण अपनी शुद्ध अवस्था में नहीं रह गए हैं।
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