आदिम अथवा प्राचीन समाज - primitive society
आदिम अथवा प्राचीन समाज - primitive society
सामाजिक संगठन की दृष्टि से ये समाज सर्वाधिक प्राथमिक है। पारसन्स के अनुसार, अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए किसी भी मानव समाज में ये अभिलक्षण होने चाहिए:
• अर्थव्यवस्था का मूल स्वरूप, जिसमें मनुष्यों को जीवित रखने की व्यवस्था (भोजन एकत्र करना, शिकार, पशु-पालन तथा कृषि आदि) होनी चाहिए,
• प्राथमिक तकनीकी जिसके द्वारा खाद्य सामग्री का उत्पादन, आवास की व्यवस्था तथा पर्यावरण एवं अन्य खतरों से सुरक्षा हो सके,
• बातचीत करने अथवा संप्रेषण के कुछ साधन, जिनसे परिवार से समुदाय स्तर तक सामाजिक एकात्मकता स्थापित हो सके और सामाजिक संगठन की देख-रेख की जा सके,
• विश्वास प्रणाली (जीववाद, जीवात्मबाद, जादू-टोना, धर्म आदि) जिसके माध्यम से लोगों की सांस्कृतिक तथा अभिव्यक्तिपरक प्रेरणाओं को सामाजिक दृष्टि से संयोजित तथा समन्वित किया जा सके.
इस प्रकार के समाजों के संचालन के लिए राजनीतिक संगठन का प्राथमिक रूप भी आवश्यक है। राजनीतिक प्रणाली जनजाति की मुखिया प्रथा अथवा समुदाय के सामूहिक नियमों के द्वारा नियंत्रण होने के सरल रूप में भी हो सकती है। अतः समाज के समन्वित अस्तित्व के लिए राजनीतिक संगठन का होना अनिवार्य है।
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