आधुनिकीकरण की प्रक्रिया - Process of Modernization
आधुनिकीकरण की प्रक्रिया - Process of Modernization
कुछ विचारकों के अनुसार आधुनिकीकरण की प्रक्रिया बदलाव की प्रक्रिया है। क्योंकि परिवर्तन की वांछित दिशा ही आधुनिकीकरण द्वारा निश्चित होती हैं। सामाजिक संरचना में बदलाव यह आधुनिकीकरण का प्रतीक माना जाता है। आधुनिकीकरण के आरंभ में परंपरागत प्रथा, परंपरा, मान्यता, संस्था, आदर्श आदि के प्रति असंतोष या विरोध किया जाता है। नई व्यवस्था, आदर्श, संस्था, विचारधारा, आहार-विहार, खान-पान आदि के प्रति आकर्षण बढ़ता है। नई व्यवस्था के प्रति आम स्वीकृति बढ़ने लगती है। समाज में नए कार्य की प्रेरणा विकसित होती है। आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में समाज आशावादी बनता है।
व्यक्ति भूतकाल में न रहकर वर्तमान के सहारे उज्वल भाविष्य हासिल करने की और बढ़ता है। समाज की विविध संस्थाओं एवं व्यवस्थाओं में परिवर्तन लाता है। आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, शैक्षणिक, राजनैतिक, बौद्धिक आदि पहलुओं में आमूलचूल बदलाव लाता है। अंधविश्वास, कर्मकाण्ड, बुआबाजी, व्रत-वैकल्य, अनिष्ट प्रथा आदि का त्याग कर विज्ञान प्रौद्योगिकी का स्वीकार करता है। समाज कृषि व्यवसाय से उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की ओर बढ़ता है। सामाजिक गतिशीलता, उद्यमशिलता, शहरीकरण, पश्चिमीकरण का प्रचलन बढ़ता है। अंतरराष्ट्रिय सदभाव. मानवतावाद, विश्व कल्याण की भावना न्याय, स्वतंत्रता समानता आदि मूल्यों का आकर्षण बढ़ता है।
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