सर्वधर्म समभाव - Respect for all religions
सर्वधर्म समभाव - Respect for all religions
धर्म मानव कल्याण, नैतिकता, मूल्यों, जनकल्याण, समभाव की ओर समाज को प्रेरित करते हैं। विविध धर्मो के समान मुलभुत मान्यता, विश्वास, आदर्श, तत्व, मूल्य, नीति आदि की पुनः प्रतिस्थापना समाज को सर्वधर्म समभाव की ओर ले जाता है। विभिन्न धर्मो की व्यापकता, विशालता एवं सार्वभौमिकता में अंतरों के बावजूद मुलभुत मान्यता, नैतिक मूल्य, मानव कल्याण एवं जनकल्याण के तत्व आदि में समानता है। मुलभुत मान्यताएँ, वैचारिक प्रकृति, ईश्वर का स्मरण, प्रार्थना स्थल, प्रेषित, प्रतिक आदि की उपस्थिति दिखाई देती है। हिंदू, बौद्ध, जैन, शिख, इस्लाम, ईसाई आदि विविध धर्म में समाहित विभीन्न तत्व निम्नांकित है -
1. मानवीय मूल्यों की प्रधानता
दान दया, प्रेम, तप, सहयोग, शांति सत्य सहयोग सहजीवन क्षमा भाईचारा समानता, सहनशीलता, आदि मानवीय मूल्यों का मानव जाती का समग्र विकास संभव है।
संसार के सभी धर्म मानवीय मूल्यों का स्वीकार करते है। रामचरितमानस में विविध मानवीय मूल्यों पर बल दिया है। त्रिशरण, चार आर्यसत्य, पंचशील, आर्य अष्टांगिक मार्ग आदि में समाहित मानवीय मूल्यों का स्वीकार किया गया है। शिक्षा की माध्यम से मानवीय मूल्यों को प्रधानता देनी चाहिए।
2. केंद्रीय सत्ता की स्वीकार्यता
सभी प्राकृतिक एवं अलौकिक क्रियाकलापों के पीछे केंद्रीय सत्ता होने बात सभी धर्म स्वीकार करते है। हिंदू धर्मीय ईश्वरकों, बौद्ध धर्मीय भगवान बुद्धकों, इस्लाम धर्मीय अल्लाकों, ईसाई धर्म यशु ख्रिस्तकों केंद्रीय सत्ता के रूप में अपना आराध्य स्वीकार करते है।
3. एकात्मता की प्रकृति
जिओ और जीने दो' यह सभी धर्मों की शिक्षा है। सभी धर्म मानव एवं जनकल्याण की बात करते है। वर्तमान समय में सभी धर्मों ने वैश्विक रुप धारण किया है। विश्व के विभिन्न भूभागों में सभी धर्मीय खुशियाली से जीवन यापन कर रहे है। राष्ट्रिय एवं अंतरराष्ट्रिय स्तरों पर सदभावना, शांति, एकीकरण, विकास की भावना को बढ़ावा दे रहे है।
4. जीवन का अंतिम लक्ष्य
विश्व के सभी धर्मों का अंतिम लक्ष्य समान है। हिंदू धर्म का मोक्ष, जैन धर्म का कैवल्य, बौद्ध धर्म का निर्वाण, इस्लाम धर्म नजात या फ़ना- फ- इल्लाह, ईसाई धर्म में सालवेशन यह अंतिम लक्ष्य है। अर्थात सभी धर्मों के अंतिम लक्ष्य समान है।
5. नैतिकता का प्रतिपादन
विश्व के सभी धर्म नैतिकता एवं सदाचार का स्वीकार करते है। बौद्ध धर्म में पंचशील, ईसाई धर्म में शैलोपदेश आदि नैतिकता के पक्षधर है। हिंदू धर्म के संहिता, उपनिषदों में नैतिकता के अनेक सूत्र सम्मिलित है। कुरान शरीफ में अनेक जगह पर नैतिक तत्वों का जिक्र किया गया है।
अर्थात सभी धर्म मानव कल्याण की ही बात करते हैं। सामाजिक शिक्षा की माध्यम से सर्वधर्म समभाव की भावना विकसित करनी चाहिए।
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