सामाजिक प्रणाली में भूमिका - role in social system

 सामाजिक प्रणाली में भूमिका - role in social system


सामाजिक प्रणाली में भूमिकाएँ संस्थागत हो जाती हैं, भूमिकाओं के संस्थागत होने का अर्थ किसी विशिष्ट भूमिका की अपेक्षाओं में है इसके मूल्यों और अभिप्रेरणात्मक उन्मुखताओं को समाज की संस्कृति में एकीकृत कर लिया जाता है समाज अपने सदस्यों से भूमिका अपेक्षाओं की दृष्टि से समान मानक निर्धारित करता है और जब सदस्य अपनी भूमिकाओं की उन्मुखताओं को उनके अदा करने के लिए समाज के समान मानकों को आत्मसात् कर लेता है, तो वह कहा जाता है कि भूमिकाएँ संस्थागत हो गई है।


समाज में इन भूमिकाओं को समाज द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार या संस्थागत विन्यास के अनुरूप निष्पादित किए जाने के लिए हर समाज कुछ प्रतिबंध लागू करता है। वे प्रतिबंध यथा-स्थिति पुरस्कार या दंड के रूप में होते हैं और यह व्यक्ति की भूमिका पर निर्भर है कि उसकी भूमिका समाज द्वारा निर्धारित मानकों या मूल्यों के अनुसार है या इन मूल्यों का उल्लंघन करती है।