आधुनिकीकरण में शिक्षा की भूमिका - Role of education in Modernzation

आधुनिकीकरण में शिक्षा की भूमिका - Role of education in Modernzation


आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में अनुकरण एवं अनुपालन की प्रक्रिया है। वास्तव में यह दृष्टिकोण में बदलाव लाने की पक्रिया होने के कारण आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतीय शिक्षा आयोग ने आधुनिकीकरण पर बहुत बल दिया था। शिक्षा आयोग के शिक्षा के उद्देश्यों, शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षा कार्यक्रम में सुधार करना आवश्यक है। आधुनिक विश्व की चुनौतियों का सामना करने में शिक्षा को समर्थ बनाना होगा। राष्ट्र को आधुनिक बनाने में शिक्षा की अनुसार भारतीय महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए 1986 में राजीव गांधी ने देश की नयी शिक्षा नीति का निर्माण करवाया। राष्ट्र को आधुनिक बनाने में शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। समाजीकरण की प्रक्रिया में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है।

आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में निर्माण हुए बाधक तत्वों को दूर करने का कार्य शिक्षा द्वारा किया जा सकता है। राष्ट्र की आधुनिक विचारधारा का विकास शिक्षा की सहायता से होता है। राष्ट्रिय समस्या की तरफ देखने का नजरिया बदला सकते है। शिक्षा के द्वारा आधुनिकीकरण का मार्ग प्रशस्त बनाता है।


उद्योग, व्यापार प्रबंधन, राजनीती, प्रशासन, शिक्षा, समाज आदि क्षेत्र में नेतृत्व का शिक्षा द्वारा निर्माण आधूनिकीकरण की प्रक्रिया को गति प्रदान करता है। आधुनिक बनने की प्रेरणा शिक्षा के द्वारा प्राप्त होती है। शिक्षा के द्वारा जिज्ञासा का निर्माण कर आधुनिकीकरण की ओर बढ़ाया जा सकता है। श्रद्धा, दृष्टिकोण, खान-पान, आचार-विचार, मूल्य परंपरा आदि में बदलाव होते-होते आधुनिकीकरण होता है। वैज्ञानिक श्रद्धा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आधुनिक खान-पान, नव आचार-विचार आधुनिक मूल्यों का स्वीकार किया जाता है।

आधुनिकीकरण के लिए अनिवार्य जागृति मानसिकता, अभिवृत्ति, कुशलता प्रवृत्ति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास शिक्षा के द्वारा किया जाता है। शिक्षा के द्वारा आधुनिकीकरण के प्रति आस्था विकसित की जाती है जो आधुनिकीकरण के लिए महत्वपूर्ण है। आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक नई तकनीक, कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था शिक्षा के द्वारा निर्माण की जाती है। नवाचारों का स्वीकार क्रियान्वयन एवं मूल्यांकन में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।


प्रो. श्यामाचरण दुबे के अनुसार विकास के संदर्भ में संचार वाहन और शिक्षा के समाजीकरण, निगरानी, सामान्य सहमति का निर्माण, महत्वाकांक्षाओं को उभारना ध्यान केंद्रीकरण, मानसिक क्षितिजों को प्रसारित करना, नये दृष्टिकोण और मूल्यों का निर्माण, नवाचारों में रुचि उत्पन्न करना, प्रयोगीकरण को प्रोत्साहित करना, शिक्षण कुशलताएँ आदि कार्य होते हैं।

प्रो. दुबे के अनुसार, “शिक्षा आधुनिक व्यक्तित्व (Modernizers) का ही निर्माण नहीं करती, बल्कि वह परंपरावादियों (Traditionalists) को भी बनाती है।"


आधुनिकीकरण के प्रभाव से शिक्षा का क्षेत्र अधिक प्रभावित हुआ है। वर्तमान में शिक्षा प्रदान करने के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों एवं उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। शैक्षिक कार्यक्रम एवं क्रियाकलापों में आधुनिक तकनीकी का प्रभावशाली उपयोग किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक एवं नवनविन विधाओं के कारण वर्तमान में शिक्षक केंद्रित न रहकर विद्यार्थी केंद्रित बनी है। रेडियों, टेलिव्हिजन, प्रोजेक्टर, टेपरिकार्डर, इंटरनेट आदि के बढ़ते उपयोग के कारण विद्यालय एवं कक्षा का वातावरण अधिगम सुलभ हुआ है। आधुनिक संचार साधनों के कारण शिक्षा में क्रांति का संचार किया है। सूचना एवं संचार तकनीकी के फलस्वरुप शिक्षा में अमुलचुल परिवर्तन आया है। आधुनिकीकरण को संभालने के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी तज्ञों का निर्माण करना शिक्षा का दाईत्व है।