ग्रामीण सामाजिक संरचना: अर्थ एवं परिभाषा - Rural Social Structure Meaning and Definition

ग्रामीण सामाजिक संरचना: अर्थ एवं परिभाषा - Rural Social Structure Meaning and Definition


विभिन्न विद्वानों ने इस शब्द के अनेक व्याख्यान प्रस्तुत किए हैं। कुछ विद्वानों का मत है कि जहां आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से पिछड़े हुए लोग रहते हो उस क्षेत्र को ग्रामीण कहा जाए। कुछ विद्वान मानते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र वह है जहां कृषि को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाया गया हो। कुछ विद्वान मानते हैं कि ग्रामीण शब्द का प्रकृति से घनिष्ठ संबंध है। मानव को अपने जीवन यापन के लिए ग्रामीण क्षेत्र में प्रकृति पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर होना होता है। वह प्रकृति से वस्तुओं का उत्पादन सीधे रूप में पहली बार करता है और उसे प्राथमिक संबंध भी बनाता है। पाल एच लैंडिस ने शब्द की व्याख्या के लिए तीन बातों का विशेष महत्व दिया है


(1) प्रकृति पर प्रत्यक्ष निर्भरता


(2) छोटा आकार


(3) बरट्राण्ड ने ग्रामीणता के निर्धारण में दो आधारो घनिष्ठ और प्राथमिक संबंधा


(4) कृषि द्वारा आए अथवा जीवन यापन


(5) कम घनत्व वाला जनसंख्या का क्षेत्र को प्रमुख माना है।


विभिन्न विद्वानों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र व अथवा समुदायों की परिभाषा निम्नांकित है-


मैरिज और एलरीज," ग्रामीण समुदाय के अंतर्गत संस्थाओं और ऐसे व्यक्तियों का संकलन होता है जो छोटे से केंद्र के चारों और संगठित होते हैं तथा सामान्य प्राकृतिक हितों में भाग लेते हैं।" 


सिम्स, "समाजशास्त्रीय में ग्रामीण समुदाय को ऐसे बड़े क्षेत्रों में रखने की प्रवृत्ति बढ़ रही है जिसमें समस्त अथवा उत्तर प्रमुख मानदेय हितों की पूर्ति होती है।"


सेंडरसन," एक ग्रामीण समुदाय में स्थानीय क्षेत्र के लोगों की सामाजिक अंतः क्रिया और उनकी संस्थाएं सम्मिलित हैं जिसमें वह खेतों के चारों ओर श्री झोपड़ियों तथा पूर्वा या ग्रामों में रहती है और जो उनकी सामान्य क्रियाओं का केंद्र है।"


फेयरचाइल्ड," ग्रामीण समुदाय पड़ोस की अपेक्षा विस्तृत क्षेत्र है आमने-सामने के संबंध पाए जाते हैं, जिसमें सामूहिक जीवन के लिए अधिकांशतः शैक्षणिक, धार्मिक, सामाजिक एवं अन्य सेवाओं की आवश्यकता होती है और जिसमें मूल अभिवृत्तिओं एवं व्यवहारों के प्रति सामान्य सहमति होती है।"