शोधार्थी के वैज्ञानिक भावनायुक्त गुण - Scientific Sense Quality of Scholar

 शोधार्थी के वैज्ञानिक भावनायुक्त गुण - Scientific Sense Quality of Scholar


शोधकार्य की सफलता हेतु शोधकर्ता के अंदर वैज्ञानिकता का होना काफी आवश्यक माना जाता है। यह वैज्ञानिक भावना निम्न गुणों पर निर्भर करती है - 


(A) जिज्ञासा :


अज्ञात वस्तुओं और तथ्यों को जानने की प्रबल आकांक्षा ही जिज्ञासा है। किसी भी घटनाक्रम को देख कर उसके विषय में ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा शक्ति सामाजिक संबंधों में कार्य-कारण नियम ढूंढने की तीव्र इच्छा व्यक्ति को शोध में प्रवृत्त होने की प्रेरणा देती है और इन्हें ही शोधकर्ता का प्रमुख गुण माना जाता है। नवीन तत्व की खोज में वही व्यक्ति समय लगाएगा, जिसे नवीनता से प्रेम होगा। नए ज्ञान की प्राप्ति, नई घटनाओं के नए कारणों की खोज शोधकर्ता के मन की जिज्ञासु प्रवृत्ति पर निर्भर होगी। 


(B) वैषयिक दृष्टिकोण:


वैषयिक या वस्तुनिष्ठता वैज्ञानिक अनुसंधान का प्राण है। सामाजिक शोध में पूर्ण तटस्थ रहकर सूचना एकत्रित करना एवं उनसे निष्पक्ष निष्कर्ष निकाला अत्यंत कठिन कार्य है। व्यक्तियों, विचारों और मान्यताओं से निरंतर अलगाव रखते हुए सत्य बात को खोजना और यथार्थता को राग द्वेष रहित होकर प्रकट कर देना साधारण नहीं अत्यंत कठिन कार्य है। धर्म, प्रथा, विश्वास, जाति, राजनीति एवं अन्य व्यक्तिगत और सांस्कृतिक धारणाएं शोधकर्ता को निष्पक्ष नहीं रहने देती। किंतु वास्तविक शोधकर्ता को प्रत्येक मूल्य पर अपनी निष्पक्षता को बनाए रखना ही होगा।