विशिष्ट चालक को महत्व - Significance of Reisdues
विशिष्ट चालक को महत्व - Significance of Reisdues
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि विशिष्ट चालक मानवीय व्यवहार को निर्धारित करने के साथ - साथ उसे नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण होते है। उदाहरण के लिए सामाजिकता से संबंधित विशिष्ट चालक व्यक्ति में मानवीय गुणों को प्रोत्साहन देकर व्यक्ति को समाज के अनुरूप बनाते है जबकि •संयोजन के विशिष्ट चालक हमें विभिन्न घटनाओं के बीच हमें विभिन्न घअनाओं के बीच एक तार्किक संबंध जोड़ने की प्रेरणा देकर मानसिक सन्तुष्टि प्रदान करते है। सच तो ये है कि इसी तरह के विशिष्ट चालक विभिन्न प्रकार के विश्वासों को प्रभावपूर्ण बनाकर उनके माध्यम से घटनाओं की सरल व्याख्या प्रस्तुत करने का आधार प्रदान करते हैं। सामाजिक व्यवस्था के सन्तुलन को बनाये रखने में भी विशिष्ट चालकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सामाजिक व्यवस्था एक बड़ी सीमा तक व्यक्तित्व के संगठन पर आधारित है जिस समाज में व्यक्तियों का व्यक्तित्व अधिक संगठित होता है वहाँ सामाजिक व्यवस्था उतनी ही सन्तुलित और प्रभावपूर्ण देखने को मिलती है।
विशिष्ट चालक लोगों को अपने व्यक्तित्व में नैतिक मूल्यों का समावेश करने और सामाजिक व मानवीय मूल्यों से भिन्न प्रकार के व्यवहार को तिरस्कृत करने की प्रेरणा देते हैं। यह कार्य तार्किक आधार पर उतना व्यवस्थित रूप से नहीं किया जा सकता जितना की विशिष्ट चालकों से प्राप्त प्रेरणाओं की सहायता से किया जा सकता है।
विशिष्ट चालक समाज की निरन्तरता व स्थायित्व में भी महत्वपूर्ण योगदान देते है। समाज को स्थायित्व प्रदान करने में कुछ ऐसी प्रेरणाओं का योगदान होता है जो विभिन्न व्यक्तियों, समूहों तथा अनुभूतियों को एक-दूसरे जोड़ते है। इसका तात्पर्य है कि सामूहिकता के स्थायित्व के विशिष्ट चालक जब हमें अपनी मातृभूमि, राष्ट्र तथा संस्कृति के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं तब इससे सामाजिक व्यवस्था अधिक दृढ़ बन जाती है। विशिष्ट चालकों द्वारा ही हमारी संस्कृतिक विरासत का निर्माण होता है। विशिष्ट चालकों से प्रभाव से ही हम महापुरूषों के व्यवहारों का अनुकरण करते है। अतीत के गौरवशाली इतिहास के प्रति गर्व व श्रद्धा रखते हैं। तथा उपयोगी व्यवहारों को परम्परा के रूप में स्थायी रूप से ग्रहण करते हैं। अनेक मानव व्यवहार इस तरह के होते हैं जो वाह्य क्रियाओं द्वारा संवेगों की अभिव्यक्ति के विशिष्ट चालकों से प्रभावित होते है लेकिन जिनकी सहायता से ही समाज को अधिक उन्नत और प्रगतिशील बनाया जा सकता है।
अपनी भावनाओं को अपने ही अन्दर दबाये रखने के बजाय उनकी बाहरी अभिव्यक्ति बहुधा समाज के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है। उदाहरणार्थ- यदि हमारी राष्ट्रीयता की भावना अपने को दासता के बन्धन से मुक्त करने के लिए हमें अंग्रेजों के विरूद्ध आन्दोलन करने की प्रेरणा न देती तो आज ही हम स्वतन्त्र नहीं हो पाते। इन्हीं सब आधारों पर पैरेटो का कथन है कि अनेक महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन विशिष्ट चालकों से प्राप्त प्रेरणाओं का ही परिणाम रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि विशिष्ट चालको के पीछे कोई तार्किक आधार न होने के बाद भी इनके सामाजिक महत्व को अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
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