साधारण विनिमय या अन्योनियता - simple exchange
साधारण विनिमय या अन्योनियता - simple exchange
वस्तुओं के आदान-प्रदान का यह तरीका तमिलनाडु की नीलगिरी की पहाड़ियों के टोडा, कोटा, बड़ागा और कुरुम्भा जनजातियों में देखने को मिलते हैं। टोडा पशुपालक है दूध एवं दूध पदार्थ उत्पादन उनका प्रमुख पेशा है। बड़ागा की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है जबकि कोटा मिट्टी के बर्तन और चाकू बनाते हैं तथा उत्सवों पर वाद यंत्र बजाना भी इनका पेशा है। । कुरुम्भा जनजाति जंगली पदार्थों, कंदमूल फल तथा शहद एकत्रित करती है। यह लोग जादू टोना आदि का भी अच्छा ज्ञान रखते हैं। इनमें से प्रत्येक जनजाति अपने द्वारा बनाई गई वस्तु के बदले दूसरी जनजाति द्वारा बनाई गई वस्तुओं का आदान प्रदान करते हैं और एक दूसरे के साथ सेवाभाव से विनिमय करते हैं इन जनजातियों के अन्योनियता या पारस्परिकता को इस चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया जा सकता है। कोटा मिट्टी के बरतन तथा चाकू बनाने ऊपर वाद यंत्र बजाना थोड़ा पशुपालक दूध तथा दूध पदार्थों का उत्पादन कृषि करना अनाज उत्पादन जंगली कंदमूल शहद जादू-टोना तथा अभिसार का
वार्तालाप में शामिल हों