गुलाम समाज अथवा प्राचीन समाज - slave society or ancient society

 गुलाम समाज अथवा प्राचीन समाज - slave society or ancient society


इस समाज में सबसे पहले वर्गों का उदय हुआ। गुलाम उत्पादन के सबसे महत्वपूर्ण साधन थे। गुलामों के मालिकों ने यानी शासक वर्ग ने राज्य और सरकार का गठन किया। इस समाज में गुलाम सबसे अधिक थे, जो अमानवीय जीवन जीते थे। गुलामों के मालिक शासक वर्ग थे। इनके अतिरिक्त गुलाम अधिकारी, गुलामों के व्यापारी, कर्मचारी, सेवक और स्वतंत्र लोगों के वर्ग मौजूद थे। गुलाम समाज के अस्तित्व और इसके चरित्र के संबंध में भी बड़ा विवाद है। अनेक विद्वान यह मानने को तैयार नहीं हैं कि भारत में भी कभी गुलाम समाज था। डी.डी. कौशांबी ने कहा सिंधु संस्कृति गुलाम संस्कृति थी। देवराज चनाना ने प्रचीन भारत में दास प्रथा के अस्तित्व को ऐतिहासिक प्रमाणों से सिद्ध किया है। उन्होंने कहा आर्यों के आगमन के बाद आरंभिक काल में आर्य शब्द का परिचायक था और दास शब्द गुलामों का परिचायक था।